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इमरान के 100 दिन: सीमा पर 20 से ज्यादा बार हुई फायरिंग, बंकर बनाए, ऐसे सुधरेंगे भारत-पाक के रिश्ते?

Fri, 07 Dec 2018 04:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इमरान खान - फोटो : File Photo
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भारत और पाकिस्तान के बीच कितनी दोस्ती है और कितनी दुश्मनी, ये तो जगजाहिर है। एक तरफ तो पाकिस्तान भारत से दोस्ती की बात करता है, तो वहीं दूसरी तरफ सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन करने से बाज नहीं आता। हाल ही में वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास कर भारत की तरफ दोस्ती का हाथ तो बढ़ाया, लेकिन दूसरे ही पल कश्मीर मुद्दे पर बोलकर उसपर लीपापोती भी कर दी। 

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पाकिस्तान का कहना है कि करतारपुर सीमा खोलने के बावजूद वो कश्मीर मुद्दे से पीछे नहीं हटेगा। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा है कि करतारपुर या किसी अन्य वजह के कारण जम्मू-कश्मीर विवाद का हमारा संकल्प पीछे रह जाएगा, तो यह गलत है। करतारपुर का कश्मीर मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि ऐसे हालात में भारत से इमरान खान की दोस्ती की पेशकश कितनी सफल होगी?

पाक में नई सरकार आने के बाद भी कश्मीर में हालात जस के तस 

हैरान करने वाली बात है कि इमरान खान ने पाकिस्तान चुनाव से पहले ही कहा था कि वो अगर प्रधानमंत्री बनते हैं तो कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ संबंध सुधारने का प्रयास करेंगे। उसके बाद उनकी सरकार भी बन गई और वो प्रधानमंत्री और हाल ही में करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के मौके पर भी उन्होंने कहा कि भारत दोस्ती का एक कदम बढ़ाएगा तो हम दो कदम बढ़ाएंगे। लेकिन कश्मीर में हालात तो अभी भी जस के तस ही बने हुए हैं। लगातार सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है। पिछले 100 दिनों की अगर बात करें तो पाकिस्तान ने 20 बार से ज्यादा फायरिंग की है और सीमा पर बंकर भी बनाए हैं। क्या ऐसे दोनों देशों के संबंध सुधरेंगे?   

नहीं थम रहीं सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं 

इस साल 18 अगस्त को इमरान खान पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री बने, लेकिन उनके आने के बाद भी पाक सेना की हरकतें वैसी की वैसी ही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान के सत्ता में आने के 66 दिन में ही यानी कि 24 अक्तूबर तक पाकिस्तान की ओर से सीमा पर गोलीबारी की करीब 16 घटनाएं हो गई थीं। अगर नवंबर को भी इसमें शामिल करें तो इमरान की 100 दिन की सत्ता में 20 से ज्यादा सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी रेंजर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 600 मीटर दूर 20 से ज्यादा बंकर बनाए हैं।     

बंकर बनाने के पीछे क्या हैं कारण 

आखिर पाकिस्तानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से इतनी नजदीक बंकर क्यों बनाए, यह एक बहुत बड़ा सवाल है। माना जा रहा है कि ये बंकर आतंकियों को कवर फायर देने के लिए सीमा के नजदीक बनाए गए हैं, ताकि भारतीय सेना को फायरिंग में उलझा कर रखा जाए और तब तक आतंकी भारतीय सीमा में आसानी से घुस जाएं।

क्यों नहीं सुधर रहे दोनों देशों के रिश्ते? 

दोनों मुल्कों के बीच रिश्ते न सुधरने की सबसे बड़ी वजह कश्मीर मुद्दा है, जो भारत का तो पहले से ही है, लेकिन पाकिस्तान उसे अपना मानता है और उसे छोड़ने को तैयार नहीं है। कई बार दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने के प्रयास किए गए, लेकिन हर बार वो प्रयास विफल ही रहे, क्योंकि पाकिस्तान ने सिर्फ कश्मीर पर ही बात चाही है।

भारत से रिश्ते सुधर गए तो पाकिस्तान को क्या फायदा? 

इमरान खान अपने हर भाषण में भारत से रिश्ते सुधारने की बात करते रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तो वैसे ही बुरी तरह चौपट हो चुकी है, इसलिए वो चाहता है कि ओपन बॉर्डर पॉलिसी अपनाई जाए, ताकि भारत से व्यापार शुरू हो सके और उसकी परेशानियां कम हों। वैसे देखा जाए तो चीन हमेशा से पाकिस्तान का मददगार रहा है, लेकिन अब वो भी यह समझ चुका है कि उसकी मदद के पीछे एक बहुत बड़ी छुपी हुई रणनीति है। 
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इस तरह सुधर सकती है पाक की अर्थव्यवस्था?  

अगर पाकिस्तान भारत को सिर्फ अफगानिस्तान तक व्यापार के लिए रास्ता दे दे तो उसके पास वैसे ही सीमा शुल्क से पैसा आने लगेगा, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति सुधरने लगेगी।  तो सीमा शुल्क से ही इतना पैसा मिलेगा कि अर्थव्यवस्था सुधरने लगेगी। 

भारत के लिए ये नुकसान? 

अब चूंकि इमरान खान भारत से दोस्ती की पहल कर रहे हैं और भारत उसके लिए तैयार नहीं हो रहा है। ऐसे में भारत को इसका नुकसान भी हो सकता है और पाकिस्तान इसका फायदा उठा सकता है। भारत अगर पाकिस्तान की पहल पर बातचीत के लिए तैयार नहीं होता तो इमरान और उनके मंत्री दुनिया को ये संदेश फैला सकते हैं कि हमने तो दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाया था, लेकिन भारत इसके लिए राजी नहीं है। 
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