छठी कक्षा में पढ़ने वाले अरब ने 14 अप्रैल को मणिपुर के मोइरांग से अपनी यात्रा शुरू की है। यहीं पर नेताजी की इंडियन नेशनल आर्मी (INA) ने 14 अप्रैल 1944 को तिरंगा लहराया था।
जिस उम्र में बच्चे आमतौर पर टेलीविजन पर कार्टून देखने व मोबाइल पर वीडियो गेम खेलने में व्यस्त होते हैं, उस उम्र में दिल्ली का 10 साल का अरब भारद्वाज साइकिल से 2500 किलोमीटर के सफर पर निकला है। अपनी इस यात्रा के जरिए वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस का संदेश देकर लोगों में देशप्रेम का अलख जगा रहा है।
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छठी कक्षा में पढ़ने वाले अरब ने 14 अप्रैल को मणिपुर के मोइरांग से अपनी यात्रा शुरू की है। यहीं पर नेताजी की इंडियन नेशनल आर्मी (INA) ने 14 अप्रैल 1944 को तिरंगा लहराया था। अरब मंगलवार को अपने सफर के तहत पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार पहुंचा। उसके साथ उसके डॉक्टर पिता अतुल एम. भारद्वाज भी हैं।
अरब ने कहा कि वह भारत की स्वतंत्रता के लिए नेताजी के संघर्ष व योगदान से प्रेरित है। उसने कहा कि जब मैं कक्षा दूसरी में था, मेरे दादाजी ने मुझे देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में कहानियां सुनाना शुरू किया था। उन्होंने मुझे देश के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में कई किताबें पढ़ने को दीं। इससे मैं नेताजी और देश के लिए उनकी लड़ाई से प्रेरित हुआ। देश की आजादी के 75वें साल और नेताजी की 125वीं जयंती पर मैं कुछ करना चाहता था।
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अरब ने कहा कि उनके परिवार ने उनके पिता के साथ साइकिल यात्रा पर जाने के विचार का समर्थन किया। यह अभिया दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर समाप्त होगा। इसका मकसद राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना है। अरब ने कहा कि वह भविष्य में सेना में शामिल होना चाहता है। मैं देश की सेवा करना चाहता हूं।