दो कांग्रेसी विधायक, एक पूर्व भाजपा सांसद समेत दस लोगों को यहां की स्थानीय अदालत ने एक साल की कारावास व पांच-पांच हजार का जुर्माना देने की सजा सुनाई है। सभी को पांच-पांच हजार के मुचलके पर जमानत दे गई। इन सभी को 2008 में दंगे व तोड़फोड़ करने का दोषी पाया गया था।
इन पर आरोप था कि इन्होंने दिसंबर 2008 में 1500 लोगों की भीड़ का नेतृत्व करते हुए गिरफ्तार किए गए तत्कालीन कांग्रेस विधायक कुंअरजी बावलिया को छुड़ाने के लिए उकसाया था। सजा पाने वालों में कांग्रेस के जूनागढ़ के भीखाभाई जोशी व वांकानेर से मोहम्मद पीरजादा विधायक हैं।
इनके अलावा पूर्व कांग्रेस विधायक इंद्रानील राज्यगुरु और भाजपा के पूर्व सांसद देवीजी फतेपारा, राजकोट जिले की दुग्ध सहकारी संघ के प्रबंधक गोविंद रणपारिया, कांग्रेस नेता अशोक डांगर, जसवंत सिंह भाटी, महेश राजपूत भीखू वोडोदरिया और गोर्धन डामलिया शामिल हैं। डामलिया बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।