देश के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने जानकारी दी कि पिछले साल अप्रैल से लेकर अबतक सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई न्यायमूर्ति कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उन्होने जानकारी दी कि तीन स्तरीय न्यायिक सिस्टम संकट के दौर में भी अपना मुख्य काम न्याय देने पर जोर दे रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल अप्रैल से लेकर अबतक 2,768 न्यायिक अधिकारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और जबकि कामकाज करने वाले कुल लोगों की तादाद 18000 है। इसके अलावा कोरोना वायरस ने देश के सभी हाईकोर्ट के 106 जजों को भी संक्रमित कर दिया है।
देश में हाईकोर्ट के जजों की संख्या 660 है, इसका मतलब यह हुआ कि कोरोना वायरस से अबतक हाईकोर्ट के 15 फीसदी न्यायमूर्ति संक्रमित हो चुके हैं। यही नहीं कोरोना वायरस ने देश के उच्चतम न्यायालय के न्यायधीशों को भी नहीं छोड़ा है। पिछले एक साल के अंतराल में सुप्रीम कोर्ट के दस जज कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दस जजों के संक्रमित होने के बाद उच्चतम न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम मुद्दों पर सुनवाई जारी है। इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि कोरोना की वजह से हमारे तीन अधिकारियों का निधन हो गया है।