पति ने नहाने के बाद बाथरूम से आवाज़ लगाई.... सुनो जरा तौलिया देना मेरा
पत्नी (गुस्से में ): तुम हमेशा तौलिये के बिना ही क्यों जाते हो ? अब नाश्ता बनाऊं या तुम्हें तौलिया दूं ?
बनियान भी धोकर नल पर टांग देते हो वो भी मैं उठाऊं … नहाने के बाद वाइपर भी नहीं मारते तुम, कल तो लाइट भी बंद नहीं की... गीले गीले पैर लेकर बाहर आते हो और पूरे घर में घुमते हो फिर उस पर मिट्टी पड़ जाती है और सारा घर गंदा हो जाता है, अपनी कामवाली बाथरूम साफ करने गयी फिसल कर गिर गयी और 3 दिन नहीं आयी, कितना बुरा हाल हुआ था मेरा काम करके...
पति (मन में सोचते हुए ) : तौलिया मांग कर गलती कर दी या शादी करके
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कर्मचारी अपने साहब से - साहब, आप ऑफिस में शादीशुदा आदमियों को ही क्यों रखते हो ?
साहब- क्योंकि उन्हें बेइज्जती सहने की आदत होती है और घर जाने की जल्दी भी नहीं होती।
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पति- तेरे बाप की जले पर नमक छिड़कने की आदत गई नहीं।
पत्नी- क्यों क्या हुआ?
पति- आज फिर से पूछ रहा था कि मेरी बेटी से शादी करके खुश तो हो ना?
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पत्नी : अजी सुनते हो दो किलो मटर ले लूं?
पति : हां.... ले लो जो ठीक लग रहा है कर लो
पत्नी : राय नहीं मांग रही आपकी…… पूछ रही हूं…… छील लोगे इतने... कि कम लूं