इस साल की शुरुआत मार्च में शहर को जाखू एस्केलेटर के रूप में सबसे बड़ी सौगात मिली। एस्केलेटर से मंदिर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिली है। ढली में नया बस अड्डा भी तैयार हुआ। यहां से अब ऊपरी शिमला के लिए बसों का संचालन होगा। संजौली आईजीएमसी स्मार्ट फुटपाथ, छोटा शिमला वॉकवे, सर्कुलर रोड फुटपाथ बनने से शहर की जनता की पैदल आवाजाही भी आसान हो गई।
रिवोली मार्केट में नई दुकानें बनीं, कई बुक कैफे भी खुले। शहर में मिडल बाजार लिफ्ट समेत कुछेक प्रोजेक्ट ऐसे भी हैं जो लगभग तैयार हैं, लेकिन उद्घाटन न होने से जनता को इस साल इनकी सुविधा नहीं मिल पाई।
तीन साल बाद भी ये 9 प्रोजेक्ट अधूरे
आईजीएमसी न्यू ओपीडी पार्किंग
ऑकलैंड टनल, डेंटल कॉलेज पार्किंग
एसडीए पार्किंग, विकासनगर, टुटू पार्किंग
विकासनगर, लक्कड़ बाजार और ऑकलैंड टनल की लिफ्ट
इस साल भी फाइलों में ही रहे ये 4 प्रोजेक्ट
कार्टरोड पर विधानसभा फलाईओवर (40 करोड़ रुपये)
खलीनी में डबललेन फ्लाईओवर (17 करोड़ रुपये)
मालरोड पर तारों को भूमिगत करने का प्रोजेक्ट (50 करोड़ रुपये)
सर्कुलर रोड का चौड़ीकरण (122 करोड़ रुपये)