दिसंबर 2023 से मई 2024 के बीच पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने के कारण चिलिंग ऑवर प्रभावित होने से फसल को नुकसान पहुंचा। इस साल सीजन करीब 15 दिन देरी से शुरू हुआ। साल 2022-23 में अक्तूबर माह तक 4.07 लाख मीट्रिक टन सेब कारोबार हुआ था, जबकि इस साल 3.87 लाख मीट्रिक टन ही सेब कारोबार हो पाया। एमआईएस के तहत पिछले साल अक्तूबर तक 49,000 मीट्रिक टन सेब खरीद हुई थी। हालांकि यूनिवर्सल कार्टन लागू करने से बागवानों को 20 किलो सेब पैकिंग में रिकॉर्ड दाम मिले। सेब सीजन से यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य तौर पर लागू करने से बागवानों को दोहरा लाभ हुआ। यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से जहां बागवानों को पेटियों में अतिरिक्त सेब भरने से छुटकारा मिला, वहीं मंडियों में दाम भी अच्छे मिले। यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से किलो के हिसाब से सेब बेचने की व्यवस्था भी प्रभावी तरीके से लागू हुई। हर पेटी का वजन करने से छुटकारा मिला।