29 से 31 अक्तूबर तक बरसेंगे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव व पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 29 से 31 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम करवट ले सकता है। गुरुवार को छह जिलों और शुक्रवार को पांच जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने व बारिश की संभावना जताई है। बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट आने और ठंड बढ़ने की संभावना है। 1 नवंबर से मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने ये कहा
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार के अनुसार, चक्रवात अर्नब का प्रभाव प्रदेश में महसूस किया जा सकता है। तट से टकराते समय तूफान की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इसके बाद यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए कमजोर पड़ गया। इसके अवशेष छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होकर आगे बढ़ सकते हैं। इस मौसमी प्रणाली का असर 29 और 30 अक्तूबर को हिमाचल में रहने की संभावना है। 31 अक्तूबर को भी कुछ क्षेत्रों में इसका प्रभाव पड़ सकता है।
इन जिलों के लिए अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। शुक्रवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में ऐसी मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। शिमला, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और किन्नौर के कुछ हिस्सों में 29 और 30 अक्तूबर को हल्की बारिश के आसार हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। 31 अक्तूबर और 1 नवंबर के लिए कोई जिला स्तरीय अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मानसून की विदाई के बाद 15 फीसदी अधिक बारिश
प्रदेश में एक अक्तूबर को मानसून की विदाई के बाद अब तक सामान्य से करीब 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 24.6 मिलीमीटर रहती है, जबकि इस बार अब तक लगभग 28 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं मंगलवार रात प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में माइनस 2.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। केलांग में यह माइनस 0.2, ताबो में 0.2, मनाली में 5.9, शिमला में 12.0 और धर्मशाला में 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा।