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Himachal: अमेरिका-ईरान संघर्ष ने छीन लिया इकलौता बेटा, अधूरा रह गया आदित्य का पिता से किया ये वादा

Fri, 12 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।

सार

 ओमान तट के निकट जहाज पर हुए हमले में डैक कैडेट आदित्य शर्मा की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।
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आदित्य शर्मा (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मई में छुट्टी नहीं मिली थी... कह रहा था पापा, जुलाई में जरूर घर आऊंगा। अब मेरा आदित्य कहां आएगा... यह कहते-कहते आदित्य शर्मा के पिता राजेश कुमार शर्मा का गला भर आया। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार पूरा परिवार कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी। ओमान तट के निकट जहाज पर हुए हमले में डैक कैडेट आदित्य शर्मा की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। माता-पिता का इकलौता बेटा अब हमेशा के लिए उनसे दूर चला गया। घर में जहां कुछ दिन पहले बेटे के आने की बातें हो रही थीं, वहीं अब हर तरफ मातम पसरा हुआ है।

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आदित्य को 25 नवंबर 2025 को पहली नौकरी मिली थी

राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद आदित्य को 25 नवंबर 2025 को पहली नौकरी मिली थी। ऑयल शिप पर नियुक्ति मिलने से वह बेहद खुश था। परिवार को भी बेटे के उज्ज्वल भविष्य से बड़ी उम्मीदें थीं। सात माह पहले घर से विदा हुआ आदित्य पहली बार छुट्टी लेकर घर लौटने वाला था। मई में उसका अवकाश तय था लेकिन परिस्थितियों के चलते छुट्टी नहीं मिल सकी। तब उसने परिवार को भरोसा दिया था कि जुलाई में जरूर घर आऊंगा।
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आदित्य के पिता ने ये कहा

आदित्य के पिता बताते हैं कि रविवार को उनकी उससे फोन पर बात हुई थी। हमेशा की तरह उसने कहा, पापा मैं ठीक हूं। अब शायद जुलाई में छुट्टी मिलेगी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी। बुधवार रात जब राजेश कुमार अपने जालंधर वाले घर में पहुंचे तो कुछ ही देर बाद उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली। यह खबर सुनते ही मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आदित्य की मां और दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पोते की मौत की खबर सुनकर वह बेसुध हो गईं।
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