इस व्यवस्था से प्रदेश को करीब 300 से 400 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो सकता था। सस्ती बिजली उपलब्ध करवाने से ही करीब 200 करोड़ रुपये और एक रुपये की दर से भूमि लीज पर देने से 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान था। मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस व्यवस्था की समीक्षा के बाद इसे बदलने का निर्णय लिया है। अब सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है, जिससे मेडिकल डिवाइस पार्क का विकास भी हो और प्रदेश पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी न पड़े। इसी के तहत उद्योगपतियों से परियोजना लागत का करीब 45 फीसदी हिस्सा पहले लिया जाएगा और इसके बाद पार्क के अधूरे कार्यों को पूरा किया जाएग। ऊना में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क का निर्माण कार्य मार्च तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्क के निर्माण से प्रदेश में फार्मा क्षेत्र में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
हिमाचल में 1,526 स्कूल किए डिनोटिफाई
हिमाचल प्रदेश में 1,526 स्कूलों को डिनोटिफाई किया गया है। इनमें 734 स्कूल ऐसे थे, जहां एक भी विद्यार्थी नामांकित नहीं था। इन स्कूलों को डिनोटिफाई करने के बाद सरकार को 2,170 शिक्षक भी उपलब्ध हुए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधानसभा में नियम 130 के तहत रोजगार गारंटी को लेकर चल रही चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को दो किलोमीटर और मिडल स्कूलों को तीन किलोमीटर के दायरे में मर्ज किया है। एक कॉलेज को भी बंद किया गया है। यहां दो या छह छात्रों के लिए कॉलेज नहीं चलाया जा सकता था।