गगरेट (ऊना)। नाबालिग छात्रा से गाली-गलौज करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत पर प्रदेश महिला आयोग ने सुनवाई की। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह गगरेट में आयोग की सदस्य सरोज शर्मा ने दोनों पक्षों का पक्ष सुना।
इस दौरान एक महिला सहित चारों प्रतिवादियों ने अपनी गलती स्वीकार की। आयोग की सदस्य ने उन्हें भविष्य में इस तरह का व्यवहार नहीं दोहराने की हिदायत दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरोज शर्मा ने नाबालिग छात्रा और चारों प्रतिवादियों से अलग-अलग बातचीत कर उनका पक्ष जाना।
शिकायत में तीन पुरुषों और एक महिला को प्रतिवादी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान आयोग की सदस्य ने संबंधित पक्षों को अपने व्यवहार के प्रति जिम्मेदार रहने और भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा नहीं करने के निर्देश दिए।
सरोज शर्मा ने कहा कि बेटियों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।