नगर परिषद मैहतपुर-बसदेहड़ा के सरहदी क्षेत्र में खुली शराब की दुकान पर मंगलवार को बसदेहड़ा की महिलाओं ने धावा बोलते हुए दुकान पर ताला जड़ दिया। विरोध कर रही महिलाओं ने शराब की दुकान के सेल्समैन पर गाली-गलौज का आरोप भी लगाया है। महिलाएं ताला जड़कर दुकान के बाहर बैठ गईं। महिलाओं का कहना है कि अब वे किसी भी सूरत में यहां पर शराब की दुकान नहीं खुलने देंगी।
स्थानीय महिलाओं शकुंतला देवी, आशा, नीलम, रिंपी, नीतू, कांता, प्रोमिला देवी, कमला, पुष्पा, ऊषा, चंपा देवी, व्यासा, कांता, सरोज, ममता, निक्की, कांग्रेस मनोनीत पार्षद मुनीश भारद्वाज, ब्लॉक कांग्रेस महासचिव राजीव भारद्वाज तथा मंजीत सिंह समेत अनेक नागरिकों ने कहा कि बसदेहड़ा का नाम बदलकर बलसेहड़ा दर्शाकर पंजाब सूबे के लिए मंजूर हुई शराब की दुकान को कलसेहड़ा में खोला जाए।
बीच आबादी के वे किसी भी हालात में शराब की दुकान नहीं चलने देंगी। कहा कि सुबह शाम शराब खरीदने वालों का यहां जमावड़ा लगा रहता है तथा कई पियक्कड़ शराब के ठेके पर ही शराब पीकर हुड़दंग करते हैं, जिससे मंदिर आने जाने वाली महिलाओं, युवतियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों ने कहा कि यह ठेका सड़क पर होने की वजह से महिलाएं मंदिर नहीं जा पातीं हैं और न ही अपने खेती बाड़ी के कामों को निपटा पाती हैं। स्कूली बच्चों पर शराब की दुकान का विपरीत असर पड़ रहा है।
शाम के वक्त ठेके पर शराबियों का आना जाना लगा रहता है, जिससे लोगों को खासी दिक्कत पेश आ रही है। शकुंतला रानी ने कहा कि शराब की इस दुकान को पंजाब में खोला जाना चाहिए। शराब की दुकान को बंद करने बारे पहले भी कई दफा स्थानीय नगर परिषद के पदाधिकारियों को कहा गया है, लेकिन शिकायत के बावजूद पंजाब प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। शराब ठेकेदार ने 30 अप्रैल तक की मोहलत मांगी थी, जिसके चलते 2 मई को मजबूरी में शराब की दुकान पर ताला जड़ना पड़ रहा है।
उधर, नगर परिषद मैहतपुर-बसदेहड़ा की अध्यक्ष मंजू चंदेल ने कहा कि शराब की दुकान बलसेहड़ा गांव में खोली गई है, जबकि इस नाम का यहां कोई गांव है ही नहीं। पंजाब राज्य के बनने पर हिमाचल का कुछ हिस्सा पंजाब में मिल गया था, राजस्व विभाग के रिकार्ड के मुताबिक पंजाब में इसे बलसेहड़ा लिख दिया गया। पंजाब के आबकारी विभाग को इस दुकान को यहां से हटाने की मांग की है।