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समाज में अभी भी महिलाएं सुरक्षा की दृष्टि सुरक्षित नहीं: ज्योति शर्मा

Sun, 09 Mar 2025 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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डीआरडीए सभागार ऊना में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में भाग लेतीं वि​भिन्न सामाजिक संगठनों की पदा​
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ऊना। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर अमर उजाला संवाद कार्यक्रम का आयोजन डीआरडीए ऊना के सभागार में किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय आजीविका मिशन जिला प्रबंधक ज्योति शर्मा ने की। उन्होंने इस अवसर पर महिलाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्य के बारे में जागरूक किया और कहा कि समाज में अभी भी महिलाएं सुरक्षा की दृष्टि सुरक्षित नहीं है। इस दिशा में और काम किया जाना बाकी है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे हैं। महिलाओं को अपनी शक्ति को पहचानना होगा और सकारात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़ना होगा। किसी भी प्रकार का कोई अपराध महिलाओं के साथ हो रहा है तो उसके लिए आवाज उठानी होगी। तभी महिलाएं असल मायने में सशक्त भूमिका समाज में निभा पाएंगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का सभी को इतिहास बताते हुए का कि आज महिलाओं की स्थिति काफी उच्च स्तर की हो गई है। महिलाएं अपने आप को कमजोर न समझें, किसी को ढाल भी मत बनाएं। अपनी ढाल स्वयं बनें और सेल्फ कॉन्फिडेंस पैदा करें, अत्याचार को सहन न करें, जब आप बुरे व्यवहार को सहन करती हैं तो महिलाओं को तंग करने वाले राक्षसों का हौसला और बढ़ जाता है, आप अपनी आवाज खुद बनें और अपनी इबारत खुद लिखें।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण के लिए एक बहुत ही उपयोगी कदम है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के लिए विकास के रास्ते खुल गए हैं। अब जो कामकाजी पढ़ी-लिखी महिलाएं हैं। वे स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका कमा रही हैं।
- पुष्पा रानी, जिला नोडल अधिकारी


प्रधानमंत्री की लखपति दीदी योजना के अंतर्गत जो महिलाओं संसाधन विहीन हैं, उन्हें लखपति बनाने का केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है। इससे दिन प्रतिदिन विभिन्न योजनाओं से जुड़कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। कार्यक्रम से महिलाओं के हौसलों को उड़ान मिलती है।
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- ज्योति शर्मा जिला परियोजना अधिकारी ऊना

महिलाओं को विकास के रास्ते तभी पता लगेंगेस, जब वे घर से बाहर निकलेंगी। जितनी भी महिलाएं अमर उजाला संवाद के कार्यक्रम में सभागार में बैठी हैं, सभी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। अधिवक्ता होने के नाते अपील की है कि जब आप को कानून की थोड़ी बहुत जानकारी होगी तो आपका सशक्तीकरण भी होगा।
- श्याम दुलारी अधिवक्ता एवं सेवानिवृत्त प्रवक्ता।


वर्ष 2021 से पहले न मुझे कोई आय का साधन था और न ही मैं बाहर निकली थी। जैसे ही मैं सभा में आने लगी, ज्ञान बढ़ता गया। ट्रेनिंग की, जिससे मेरी आमदनी में और भी अधिक बढ़ोतरी हुई है। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमर उजाला संवाद कार्यक्रम से मैं बहुत प्रसन्न हूं।

- पूनम शर्मा सामुदायिक रिसोर्सपर्सन।


अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। अमर उजाला का महिलाओं के प्रति सकारात्मक कदम बहुत सराहनीय है। जिससे महिलाओं को अपने विचार व्यक्त करने का मंच मिला है। इस तरह के कार्यक्रमाें से महिलाओं की सोच में भी बदलाव आता है और वे सशक्त बनती हैं।
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- रणजीत कौर स्वयं सहायता समूह सदस्य।
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