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Una News: बैंक कर्मचारी की सतर्कता से बची महिला की 1.50 लाख की रकम

Thu, 29 Oct 2026 12:13 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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नंदपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक की नैहरी शाखा में तैनात कर्मचारी की सतर्कता से पंजोआ निवासी एक महिला को साइबर ठगी के जरिये 1.50 लाख रुपये गंवाने से बचा लिया गया। हालांकि, महिला इससे पहले लोकमित्र केंद्र के माध्यम से 77 हजार रुपये कथित साइबर ठगों के खाते में भेज चुकी थी। बैंक कर्मचारी मोहम्मद आसिफ ने महिला की घबराहट को भांपते हुए मामले की पड़ताल की और प्रस्तावित एनईएफटी लेनदेन रुकवाया।
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बैंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला 1.50 लाख रुपये किसी खाते में एनईएफटी के माध्यम से भेजने के लिए शाखा पहुंची थी। वह काफी घबराई हुई थी और जल्द से जल्द पैसे भेजने पर जोर दे रही थी। उसकी असामान्य स्थिति को देखते हुए लिपिक मोहम्मद आसिफ ने उससे बातचीत की और परेशानी का कारण जानने का प्रयास किया। शुरुआत में महिला ने जानकारी देने में हिचकिचाहट दिखाई लेकिन भरोसा दिलाने पर उसने बताया कि उसे 10 लाख डॉलर से भरा बैग मिलने वाला है और इसके लिए पहले 1.50 लाख रुपये भेजने को कहा जा रहा है। महिला की बातों और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए बैंक कर्मचारी को मामले में धोखाधड़ी की आशंका हुई।
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व्हाट्सएप संदेशों से खुली पोल
बैंक कर्मचारी ने महिला के व्हाट्सएप संदेशों की जांच की तो कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने और डॉलर मिलने का लालच देने से जुड़े संदेश सामने आए। बैंक प्रबंधक के मुताबिक, बैंक में छुट्टी होने के कारण महिला पहले ही लोकमित्र केंद्र के माध्यम से 77 हजार रुपये भेज चुकी थी। बैंक कर्मचारी ने संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। बैंक प्रबंधन के अनुसार, फोन पर बातचीत के दौरान दूसरी ओर से पैसे भेज देने की बात कही गई।
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बैंक शाखा प्रबंधक गीतेश गुप्ता के अनुसार, महिला ने 1.50 लाख रुपये किसी से उधार लिए थे। उसने इस मामले की जानकारी अपने पति या परिवार के अन्य सदस्यों को भी नहीं दी थी। बैंक कर्मचारियों ने महिला को समझाया कि उससे पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद प्रस्तावित लेनदेन रोक दिया गया।
पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा कर रकम भेजने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर पैसे मांगना साइबर ठगी का प्रचलित तरीका है। ऐसे मामलों में लोग तत्काल पुलिस को सूचित करें।
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