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Una News: गैर सिंचित इलाकों में पीली पड़ी गेहूं की फसल

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खाद और जरूरी दवाओं के छिड़काव से वंचित क्षेत्र में ज्यादा प्रभावित हुई फसल
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कृषि विभाग ने कहा- फसल के बचाव को विभाग के अधिकारियों से करें संपर्क
जिले में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर होती है गेहूं की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गेहूं की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। खासकर उन इलाकों में जहां किसानों ने समय पर सिंचाई, खाद व जरूरी कीटनाशकों का छिड़काव नहीं किया। फसल की वृद्धि लगभग रुकी हुआ है। माना जा रहा है कि मौसम, रोग, खाद की कमी या जड़ों में खराबी इसके मुख्य कारण हैं। कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि अगर ऐसे समस्या उनकी फसल में आ रही तो कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल तैयार हो रही है। इसमें से 65 प्रतिशत क्षेत्र गैरसिंचित है और वहां बारिश पर निर्भर खेती होती है। इस बार गेहूं की फसल के लिए उपयुक्त समय पर बारिश नहीं हुई। इससे फसल की वृद्धि पर असर हुआ है। जमीन में नमी की कमी के कारण खाद और कीटनाशकों का छिड़काव भी फसल पर नहीं हो पाया। फसल अब रोग की चपेट में आ रही है। फसल अच्छे तरीके से तैयार नहीं होने से किसान भी हताश हैं। किसानों में रविंद्र कुमार, सुनील, अमनदीप, विवेक, कृष्ण कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल केवल सिंचाई सुविधा से संपन्न इलाकों में अच्छी स्थिति में है। बारिश पर निर्भर इलाकों में फसल की वृद्धि रुक चुकी है। जबकि, पीला रोग भी फसल को अपनी जकड़ में लेने लगा है। कहा कि इस बार उन्हें खाने लायक फसल भी हासिल हो जाए तो काफी होगा।
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किन कारणों से फसल पड़ने लगी पीली
विशेषज्ञों की मानें तो गेहूं की फसल के पीला होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें खाद की कमी, जड़ों में खराबी, सूखी मिट्टी, देर से रोपण और दिन के समय का तापमान ज्यादा रहना इस रोग के मुख्य कारण हैं। वर्तमान समय में दिन और रात के मौसम में जमीन-आसमान का अंतर है। रात को जहां तापमान पांच डिग्री के आसपास है तो दिन में दोपहर के समय अधिकतम पारा 30 डिग्री तक पहुंच रहा है।
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जिले में गेहूं की फसल अधिकतर इलाकों में अच्छी स्थिति में है। गैर सिंचित इलाकों में फसल पीली पड़ने के मामले हो सकते हैं। लेकिन, किसानों की ओर से हमारे पास कोई सूचना नहीं है। किसान फसल के बचाव के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों से परामर्श ले सकते हैं। इसके अलावा अधिक प्रभावित क्षेत्रों में विभाग की टीम निरीक्षण भी करेगी।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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