किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं
कटने को तैयार थी फसल, तीन दिन में करीब 350 कनाल गेहूं आग की चपेट में आई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। क्षेत्र के कैलाशनगर नकड़ोह और गोंदपुर बनेहड़ा में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे गेहूं की फसल को आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलती गई कि कुछ ही देर में कई कनाल खेतों में तैयार फसल जलकर राख हो गई। जब तक आग पर काबू पाया गया, करीब 250 कनाल भूमि पर तैयार गेहूं की फसल जल चुकी थी। गेहूं की फसल जलने से 30 परिवार प्रभावित हुए हैं।
जानकारी के अनुसार सोमवार को करीब 12 बजे कैलाश नगर नकड़ोह से आग का तांडव शुरू हुआ। आग गेहूं की फसल को स्वाहा करते हुए तेजी से गोंदपुर बनेहड़ा गांव की ओर बढ़ी। देखते ही देखते दोनों गावों के करीब 30 किसानों की फसल राख के ढेर में बदल गई। 250 कनाल जमीन पर फैली आग से फसल के साथ 100 के आसपास पौधे भी चपेट में आ गए। किसानों की मानें तो इस घटना में उन्हें पांच लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। हालांकि प्रशासन की टीमें इसके आकलन में जुटी है। जबकि मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम की ओर से प्रभावित किसानों को कोई फौरी राहत नहीं दी गई। आग किन कारणों से लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं। कुछ इसके पीछे विद्युत लाइनों में स्पार्किंग को कारण मान रहे, तो कोई बीड़ी या माचिस से आग लगने को वजह बता रहा।
राजस्व विभाग ने शुरू किया आकलन
आग की घटना में किसान संजीव कुमार, रिंकू, महिंदर सिंह, सोहनू, मदन, जिंदू, कुलदीप, बीकू, जनकलाल, नंदू, जोगिंदर, अर्जुन, राकेश, प्रीतम, काका और संदीप सहित करीब 30 किसानों की फसल जली है। उधर कुनेरन, गोंदपुर बनेहड़ा और उपमंडल गगरेट की पंचायतों में पिछले कल और सोमवार को गेहूं की फसल को हुए नुकसान का राजस्व विभाग ने आकलन शुरू कर दिया है। तहसीलदार घनारी कुलताज सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं तथा नायब तहसीलदार प्रवीन शर्मा के साथ मौके पर जाकर प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि आग से जले खेतों का आकलन किया जा रहा है और शीघ्र ही सरकार की राहत नियमावली के तहत प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान की जाएगी।
बॉक्स
फायर ब्रिगेड की एक ही गाड़ी मौके पर पहुंची
आग लगते ही कैलाशनगर नकड़ोह व गोंदपुर बनेहड़ा के ग्रामीणों ने आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर करीब पौने घंटे में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। खेतों में जिस स्थान तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच सकी, वहां टीम ने इसे नियंत्रित किया। बीच के खेतों तक जहां फायर ब्रिगेड वाहन को जाने के लिए रास्ता नहीं मिला, वहां से तेज हवाओं के कारण आग निरंतर आगे बढ़ती हुई घरों तक पहुंच गई। आग की घटना से किसानों की पसीने की कमाई आग की भेंट चढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी ही मौके पर उपलब्ध हुई। वह भी प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच न पाई। यह चिंता का विषय है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया लगभग 250 कनाल से अधिक भूमि पर गेहूं फसल तबाह हुई है। करीब 100 पेड़ पौधे व सिंचाई के लिए रखे पाइप भी आग की भेंट चढ़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो अनुमानित नुकसान करीब पांच लाख का हुआ है। हालांकि उन्हें प्रशासन की ओर से कोई फौरी राहत नहीं दी गई।
गोदपुर बनेहड़ा में राख हुई गेहूं की फसल। स्रोत स्वयं
गोदपुर बनेहड़ा में राख हुई गेहूं की फसल। स्रोत स्वयं