वर्तमान में गेहूं की कटाई में जुटे है क्षेत्र के किसान
फसल गीली होने के कारण कटाई प्रक्रिया में आई रुकावट, पैदावार भी गिर सकती है
किसानों ने कहा- गेहूं और मक्की की फसल में लगातार हो रहा घाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना/बंगाणा। जिला में गेहूं की फसल पकते ही खराब मौसम का दौर भी जारी हो गया है। शुक्रवार रात को हुई बारिश से खेतों में काटकर रखी फसल भीग गई। वहीं कुछ लोगों ने जद्दोजहद कर बारिश से पहले फसल की थ्रेसिंग करवा ली। तेज हवाओं में थ्रेसिंग करवाने से किसानों को तूड़ी का नुकसान तो हुआ, लेकिन दाने बच गए।
वहीं, जिन किसानों की फसल भीग गई है, वे मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसल सूखे और उसकी थ्रैसिंग करवाई जा सके। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 35000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल लगाई जाती है। सिंचित और गैरसिंचित इलाकों में फसल की कटाई जारी है। कुछ दिन पहले तेज हवाओं के चलते फसल गिर गई और अब फसल की कटाई की बारी आई तो बारिश और तेज हवाएं दोबारा शुरू हो गईं। शुक्रवार रात को करीब 15 मिनट बादल बरसे। इससे खेतों में पड़ी गेहूं की फसल भीग गई। किसानों में राधेश्याम, राज कुमार, बिशन सिंह, विजय शर्मा, सारांश शर्मा, विष्णु शर्मा, सुखदेव शर्मा और बबलू राम ने कहा कि गेहूं की फसल को छह महीने में तैयार कर मंडियों तक पहुंचाने में खासी मेहनत लगती है, लेकिन जब फसल अच्छी तरह से तैयार हो और मौसम नुकसान पहुंचाए तो किसानों का हौसला टूट जाता है। उन्हाेंने कहा कि अगर खराब मौसम का दौर जारी रहा तो सूखी फसल का दाना झड़ने लगेगा, जिसका सीधा असर पैदावार पर होगा।
कल से धूप खिलने की संभावना, पारा बढ़ेगा
मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि जिला में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। हालांकि सोमवार से धूप खिलने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि जिले का तापमान आने वाले दिनों में 40 डिग्री को पार कर सकता है।
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जिला में अगर मौसम की परिस्थितियां ठीक रहेंगी, तो गेहूं की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। किसानों को फसल बेचने के लिए जिले में ही व्यवस्था है। इसके साथ ही अगर मौसम खराब रहने से कहीं फसल को नुकसान होने की सूचना मिलती है, तो हमारी टीम मौके पर जाकर उसका जायजा लेगी।
डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग