ऊना। हर फसल के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हरोली क्षेत्र के किसानों के खेतों में अब पानी पहुंचाने की तैयारी है। जल शक्ति विभाग ने सिंचाई सुविधा के लिए 101 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं की फाइल बजट की मंजूरी के लिए 26 अगस्त को केंद्र सरकार को भेजी है। इनके माध्यम से हरोली और पंडोगा क्षेत्र के किसानों की 2540 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा।
परियोजनाओं में पानी के अलग-अलग स्रोत तय किए गए हैं। हरोली क्षेत्र के लिए भबौर साहिब से पानी उठाया जाएगा जबकि पंडोगा क्षेत्र के लिए स्वां नदी के पास कुएं बनाकर पानी उठाने की योजना है। इसके बाद सिंचाई व्यवस्था के जरिये खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।
इस व्यवस्था का सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिन्हें सिंचाई के लिए निजी स्तर पर संसाधन जुटाने पड़ते हैं। खासकर छोटे किसानों के लिए परियोजना राहत लेकर आएगी, क्योंकि खेतों की सिंचाई के लिए उन्हें अलग से बोर करवाने की जरूरत नहीं होगी। सामूहिक सिंचाई व्यवस्था से किसानों का निजी सिंचाई साधन तैयार करने पर होने वाला खर्च भी बचेगा।
90 फीसदी राशि केंद्र, 10 फीसदी राज्य देगा
जल शक्ति विभाग के अनुसार, परियोजना की कुल अनुमानित लागत 101.602 करोड़ रुपये है। इसमें 90 फीसदी यानी 91.4418 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता और 10 फीसदी यानी 10.1602 करोड़ रुपये राज्य का हिस्सा प्रस्तावित है। वित्तीय चरणबद्धता के तहत 2026-27 में 20.32 करोड़, 2027-28 में 50.80 करोड़ और 2028-29 में 30.48 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय सहायता की पहली किस्त के तौर पर 4.5675 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश की गई है। परियोजनाओं को वर्ष 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्र सरकार से 101 करोड़ की सिंचाई परियोजना के लिए फंड की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। हरोली उपंडल में दो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
-नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग ऊना