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Una News: स्वां नदी के पर्यावरण संरक्षण पर ग्रामीणों ने खड़े किए सवाल

Tue, 16 Jul 2024 03:14 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना स्वां नदी से रेत भरते हुए।संवाद
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बोले- अवैज्ञानिक तरीके से हो रहा अवैध खनन, नदी में जगह-जगह गंदगी के लगे अंबार
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नदी के तटीयकरण के साथ सोमभद्रा-स्वां नदी झील निर्माण का प्रस्ताव नहीं चढ़ा सिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला ऊना की स्वां नदी पौराणिक धार्मिक सांस्कृतिक समरसता की प्रतीक मानी जाती है। वर्तमान में इस नदी का पर्यावरण संरक्षण व इसकी अस्मिता पर लगातार प्रश्न चिह्न लगता जा रहा है। स्थानीय जनता में राजीव शर्मा, गुरुदेव सिंह बिट्टू, राजकुमार पम्मी, नामदेव, ओंकार भट्टी, रविन्द्र कुमार, भुवनेश्वर कुमार, नितिन शर्मा, प्रवीण कुमार, जगदीश कुमार, हजारी लाल खट्टा ने कहा कि गगरेट विधानसभा क्षेत्र के दौलतपुर-घनारी-गगरेट-अंब-हरोली से जिला मुख्यालय ऊना सदर तक इस नदी में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। इससे सोमभद्रा-स्वां नदी प्रदूषित हो चुकी है। वहीं, रहती कसर नदी में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन ने पूरी कर दी है।
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जिला ऊना की धार्मिक सांस्कृतिक संस्थाओं गणपति उत्सव कमेटी और अंबिकानगर अंब साहित्य परिषद ने सोमभद्रा-स्वां नदी के तात्कालिक संरक्षण के लिए तटीयकरण के साथ साथ नदी में सोमभद्रा-स्वां नदी झील निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार को भिजवाया था। एक दशक बीत जाने पर भी सोमभद्रा-स्वां नदी का संरक्षण आज भी अधर में ही लटका हुआ है। जिला ऊना के श्री छोटा हरिद्वार उपनाम के पीछे पांडवकालीन शिवालय शिवबाड़ी गगरेट और उनकी चरणस्थली को स्पर्श करती सोमभद्रा-स्वां नदी जिला मुख्यालय ऊना की ओर बहती है। सोमभद्रा-स्वां की इस लंबी यात्रा में दर्जनों गांवों, मरवाड़ी-दौलतपुर-गगरेट, अंबिकानगर-अंब-ओयल-बाथू-सन्तोषगढ़ ऊना तक 88 किलोमीटर का सफर तय करती है। गगरेट पुल से ही सोमभद्रा-स्वां नदी तटों में लगे पोलीथीन गंदगी के ढेर इस नदी की पवित्र धारा प्रवाह को प्रदूषित कर रहे हैं। वहीं, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने सोमभद्रा-स्वां नदी की सफाई व्यवस्था का अभियान छेड़ने का प्रयास किया, लेकिन परिणाम शून्य रहा है।
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