Vigilance raid, Excise and Taxation Department's record scrutinized
ऊना। आबकारी और कराधान विभाग के कार्यालय में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगी में गड़बड़झाले की जांच को लेकर शिमला से आई विजिलेंस की टीम ने विभाग के कार्यालय से कई साक्ष्य जुटाए हैं। शिमला से जांच करने आई विजिलेंस की टीम ने करीब तीन दिन तक विभाग के कार्यालय में डरा जमाए रखा।
बताया जा रहा है कि विजिलेंस की टीम ने पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगी में गड़बड़झाले के मामले आबकारी और कराधान विभाग के अधिकारियों से पूछताछ भी की। इसके अलावा पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगी में गड़बड़झाले को लेकर कार्यालय का रिकॉर्ड भी खंगाला। विजिलेंस की टीम तीन दिन तक कार्यालय में दस्तावेजों की जांच के बाद शिमला लौट गई है। विजिलेंस की जांच में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगी में गड़बड़ झाले को लेकर कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि राज्य कर एवं आबकारी उपायुक्त कार्यालय ऊना के कुछ कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया था कि उन्हाेंने एजेंट और वाहन मालिक के साथ सरकार को चूना लगाया। इसकी सूचना पर फरवरी 2020 में एफआईआर दर्ज हुई। इस आधार पर विजिलेंस ने ऊना कार्यालय में दबिश दी। विजिलेंस ने जांच के बाद रिकॉर्ड कब्जे में लिया था। प्रारंभिक जांच से पता चला था कि पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स के बहुत से चलानों में जालसाजी करके नकली चालान कार्यालय के रिकॉर्ड में रखे थे। इसमें विभाग ने वाहनों के पैसेंजर गुड्स टैक्स का पैसा वाहन मालिकों से तो वसूला लेकिन सरकार के खाते में बहुत कम जमा किया। यह जालसाजी कई वर्षों से चल रही थी।
पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगी में गड़बड़झाले का केस ऊना से शिमला ट्रांसफर किया है। मामले की जांच अब शिमला की विजिलेंस टीम कर रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मामले में आबकारी और कराधान विभाग के कई अधिकारी जांच के लपेटे में आ सकते हैं। एएसपी विजिलेंस सागर चंद्र का कहना है कि पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगी में गड़बड़ झाले के केस में शिमला से आई टीम तीन दिन तक विभाग के अधिकारियों से पूछताछ करने एवं साक्ष्य जुटाने के बाद शिमला लौट गई है।