चिंतपूर्णी क्षेत्र के भरवाईं के पास एनएच पर हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां तीखा मोड़ और करीब 200 फीट से अधिक गहरी खाई होने के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। यदि सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगे होते तो संभव है कि कार खाई में गिरने से बच जाती और दो जिंदगियां बच सकती थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को हादसा चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। तेज रफ्तार और हादसे से ठीक पहले कार में धमाका होने की आशंका भी जताई जा रही है, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और कार सीधे गहरी खाई में जा गिरी।
खाई में गिरने के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा सवार हादसे के दौरान कार से बाहर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसने भी घटनास्थल पर दम तोड़ दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार हादसे का शिकार हुई कार का एक घंटा पहले नैहरनपुखर इलाके में ओवरस्पीड का चालान हुआ था। चालान वाले स्थान और हादसा स्थल के बीच की दूरी 22 किमी के करीब है। पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि मामले की जांच जारी है। हादसा स्थल पर क्रैश बैरियर नहीं थे। सीसीटीवी फुटेज में हादसे के जुड़े कई पहलू सामने आए हैं। उसी अनुसार जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।