ऊना। मलाहत समेत अन्य आसपास के लोगों को रेलवे अंडरपास से गुजरने में 31 दिसंबर तक इंतजार करना पड़ेगा। जनवरी से वाहन रेलवे अंडरपास से गुजार सकेंगे। सोमवार को हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास का निरीक्षण किया।
अभिषेक जैन ने बताया कि ऊना विधानसभा क्षेत्र के मलाहत में लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। 31 दिसंबर, 2025 तक रेलवे अंडरपास कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। इस अंडरपास के बन जाने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुगम होगा तथा पीरनिगाह जैसे धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं सहित आमजन को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग के चलते लोगों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है जिससे आपातकालीन सेवाओं को भी बाधा पहुंचती है। अंडरपास बनने से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
इस दौरान अभिषेक जैन ने ऊना में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता तथा तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर विजय चौधरी, अधीक्षण अभियंता हर्ष पुरी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कुलदीप कुमार व राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिशासी अभियंता सतपाल सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
शहर के मलाहत में रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य मंगलवार को रेलवे ने फिर शुरू कर दिया है। बरसात के चलते निर्माण कार्य बंद था। अंडरपास बनने का सबसे ज्यादा फायदा राष्ट्रीय राजमार्ग से उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीर निगाह जाने वालों, पीजीआई सेटेलाइट सेंटर और मलाहत के आसपास की पंचायतों के हजारों लोगों को होगा। वर्तमान में रेलवे अंडरपास के पास राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से लोगों को दस किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है।