संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिंदू नववर्ष पर बाबा भूतनाथ मंदिर धर्म संघ की ओर से सेरी मंच पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई दो बुजुर्ग महिला कलाकारों को मंच न मिलने से मायूसी का सामना करना पड़ा। लेकिन, हताश न होकर दोनों महिलाओं ने बिना श्रोताओं के अपनी कला का प्रदर्शन किया।
जोगिंद्रनगर के भराड़ू निवासी 85 वर्षीय ब्यासा देवी और उनकी 60 वर्षीय बेटी दुर्गी देवी, जिनका ससुराल तुंगल क्षेत्र के घेरा में है, दोनों ने अपने पारंपरिक लोक गीतों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिलाओं ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से इस आयोजन में भाग ले रही हैं। इस बार आयोजकों ने उन्हें मंच साझा करने का अवसर नहीं दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मंच पर बैठकर पारंपरिक लोक गीत, भ्यागड़े और बधाई गीतों की प्रस्तुति दी। दुर्गी देवी ने कहा कि बिना श्रोताओं के गायन कर भी हमारा मन हल्का हुआ। हालांकि समय कम था, लेकिन हमारी रूहानी आवाज ने लोगों को रुकने पर विवश कर दिया। इस दौरान एसपीयू मंडी की पूर्व प्रति कुलपति अनुपमा सिंह ने इन कलाकारों के हुनर की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कुछ राशि भेंट की। ब्यासा देवी और दुर्गी देवी ने बताया कि उन्होंने कई मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है, लेकिन इस बार उनकी अनदेखी होने से उन्हें दुख हुआ। धर्म संघ सांस्कृतिक आयोजन समिति के संयोजक डॉ. ओम राज ने बताया कि इस बार उपायुक्त कार्यालय में चुनाव आयोग की बैठक और बारिश के कारण साउंड बंद करना पड़ा। इसी वजह से महिलाओं को मंच नहीं मिल सका। मौसम की स्थिति को देखते हुए इस बार उन्हें न्योता भी नहीं दिया गया। बावजूद इसके, उन्हें सम्मानपूर्वक किराया देकर विदा किया गया।