ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में एक ही शिशु रोग विशेषज्ञ है। प्रबंधन की तरफ से कई बार विशेषज्ञ की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग रखी है। इसके बावजूद अभी तक विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है।
क्षेत्रीय अस्पताल में एक ही शिशु रोग विशेषज्ञ के सहारे व्यवस्था चल रही है। अगर विशेषज्ञ किसी कारण से अवकाश पर चला जाए तो शिशु रोग ओपीडी बंद हो जाती है।
बीते दिनों में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रेडियोलॉजिस्ट व चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती तो कर दी है लेकिन शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती अभी तक नहीं हुई है। ऐसे में ओपीडी में समय भी अधिक लगता है। जिससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
क्षेत्रीय अस्पताल में जिले भर के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। बता दें कि पूर्व में क्षेत्रीय अस्पताल में तीन शिशु रोग विशेषज्ञ सेवाएं देते थे लेकिन अब एक विशेषज्ञ के सहारे ही ओपीडी का संचालन हो रहा है।
इस पर वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना के अध्यक्ष जीआर वर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती होनी चाहिए ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
शिशु रोग ओपीडी में औसतन रोजाना 150 के करीब बच्चे उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके चलते सुबह से ही ओपीडी के बाहर लोगों की कतारें लगना शुरू हो जाती हैं। जिले का सबसे बड़ा अस्पताल होने के नाते विभिन्न उपमंडलों से रोजाना लोग उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचते हैं।