ऊना। जिले के सरकारी स्कूलों में सोमवार से नियमित कक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस दौरान बच्चों में स्कूल पहुंचने पर काफी जोश दिखा। हालांकि पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहाल परिजनों से दूर रहने पर कुछ उदास जरूर रहे। लेकिन स्कूल में उविभिन्न खेलों से जुड़ा सामान और कक्षाओं में बनी कलाकृतियां देखकर वे माहौल में रम गए। जिले के स्कूल सोमवार को सुबह 09:00 बजे शुरू हुए।
इस वजह से मौसम में आई गर्माहट के बीच पैदल स्कूल पहुंचे बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूल में बच्चों के लिए कक्षाओं को पहले से तैयार रखा गया। वहीं कई स्कूलों में पहले दिन की शुरुआत में बच्चों को नई कक्षाओं से जुड़ी जानकारी भी दी हई। इस दौरान उन्हें पढ़ाई के महत्व और स्कूलों में उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया गया। इसके बाद बच्चों को नियमित कक्षाओं में भेजा गया। स्कूलों में छुट्टी दोपहर 3:00 बजे हुई। दोपहर को तीखी धूप के बीच कई बच्चे श्किल से घर पहुंचे। वहीं कई अभिभावकों ने स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव की मांग भी की है।
अभिभावक मंजू देवी, रक्षपाल, बलराम कुमार और रविंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों का अगर स्कूल सुबह जल्दी लगेगा, तो उससे बच्चों को काफी राहत मिलेगा। उन्होंने कहा कि दोपहर के समय गर्मी की मार पड़ेगी, लेकिन सुबह आठ बजे तक मौसम ठंडा रहता है। इससे बच्चों को आने जाने में परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा। उन्होंने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से इसको लेकर उचित कदम उठाने की अपील की है। ध्यान रहे कि सरकारी स्कूलों में कक्षाएं खुलने के साथ ही स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को देने वाले बच्चों में भी ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला लेने को लेकर कम रुझान नजर आ रहा है। आने वाले कुछ दिन तक दाखिला प्रक्रिया में रफ्तार आने की उम्मीद है। उधर अध्यापक भी अपने स्तर पर सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं के बारे बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं।
कोट्स
स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया सुचारू तरीके से चल रही है। अच्छी संख्या में बच्चे दाखिला लेने स्कूलों में पहुंच रहे हैं। स्कूलों में बच्चों को बैठने की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्कूलों में भी विशेष सतर्कता अपनाने की आवश्यकता है।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग।