ऊना। जिला ऊना के संतोषगढ़ में पकड़ी गई करीब एक किलोग्राम चिट्टा (हेरोइन) की बड़ी खेप के तार अब बिलासपुर में होटल से बरामद 15.85 ग्राम चिट्टा से जुड़ते नजर आ रहे हैं। प्रारंभिक जांच और सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस दोनों मामलों के बीच कनेक्शन खंगालने में जुट गई है। इस खुलासे के बाद नशा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार संतोषगढ़ में पकड़ी गई चिट्टे की खेप से पहले तस्करों की गाड़ी टाहलीवाल क्षेत्र के बाथू में कुछ समय के लिए रुकी थी। माना जा रहा कि इसी दौरान खेप की सप्लाई चेन का कुछ हिस्सा आगे बढ़ाया गया या संपर्क स्थापित किए गए। पुलिस अब इस रुकावट के दौरान हुई गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
दूसरी ओर बिलासपुर में एक होटल से पकड़ी गई 15.85 ग्राम चिट्टा की खेप के मामले में भी अहम खुलासे हुए हैं। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में एक व्यक्ति बाथू क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है जबकि दूसरा आरोपी ऊना जिला के रायपुर सहोड़ा से संबंधित है। दोनों आरोपियों के आपसी संपर्क और उनकी कॉल डिटेल्स को खंगालने पर संतोषगढ़ मामले से कनेक्शन के संकेत मिले हैं।
दोनों मामलों में इस्तेमाल किए गए नेटवर्क, सप्लाई रूट और संपर्क सूत्रों में समानता सामने आ रही है। खास बात यह भी कि संतोषगढ़ में पकड़ी गई खेप पहले से 15 पैकेट में रखी गई थी। ऐसे में इसकी संभावना और बढ़ जाती है कि इसकी खेप का वितरण रास्ते में हुआ है। यही कारण है कि जांच एजेंसियां अब इन दोनों केसों को जोड़कर एक बड़े ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करने की दिशा में काम कर रही हैं। संभावना है कि यह नेटवर्क प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय है और छोटी-बड़ी खेपों के जरिये नशे का कारोबार संचालित कर रहा है।
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि चिट्टा के मामलों में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें कुछ और गिरफ्तारियां होना तय है।