युवाओं ने ली नशे के खिलाफ शपथ
एंटी चिट्टा वॉकथॉन के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ शपथ भी ली। प्रतिभागियों ने नशा न करने, दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने और समाज में जागरूकता अभियान चलाने का प्रण लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए परिवार, स्कूल, युवा वर्ग और पूरे समाज को मिलकर काम करना होगा।
वीरवार को स्कूलों में छुट्टी की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वीरवार को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा भी की। ऊना में आयोजित इस बड़े जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी को देखते हुए यह घोषणा की गई।
एंटी चिट्टा वॉकथॉन ने युवाओं के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के साथ-साथ समाज को यह संदेश दिया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। आयोजन में शामिल युवाओं ने नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया।
जानकारी के बाद ही बयानबाजी करें भाजपा नेता : सुुक्खू
मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के किशाऊ बांध परियोजना को लेकर दिए बयान पर कहा कि उन्हें एमओयू पढ़ने के बाद ही बयानबाजी करनी चाहिए। मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि किशाऊ परियोजना को लेकर जो एमओयू साइन हुआ था, उसके मुताबिक बिजली और पानी का खर्चा हिमाचल सरकार को वहन करना पड़ेगा। इस सहमति को किसी भी तरह से मंजूर नहीं किया गया और केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष हिमाचल के हकों को पाने के लिए हिमाचल सरकार अडिग खड़ी रही। अब जाकर यह फैसला हिमाचल के हक में आया है। अगर वर्तमान में भी हिमाचल में डबल इंजन की सरकार होती तो यह परियोजना सिरे नहीं चढ़ती। उन्होंने भाजपा के नेताओं को सलाह दी है कि अनाप-शनाप बयानबाजी करके प्रदेश की जनता को गुमराह करने की राजनीति न करें।
बाहरी सप्लाई से चिट्टे का प्रकोप के हर कोने तक पहुंचा : अग्निहोत्री
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में ऊना में एंटी चिट्टा वॉकथाॅन में शामिल हुए। इंदिरा स्टेडियम से बस स्टैंड तक वॉकथॉन में 35 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ प्रदेशव्यापी मुहिम चल रही है। चिट्टा केवल हिमाचल ही नहीं बल्कि देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या है। बाहर से होने वाली सप्लाई के कारण इसका प्रकोप प्रदेश के हर कोने तक पहुंच गया है। ऐसे में बच्चों और युवाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वॉकथॉन के माध्यम से बच्चों के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को चिट्टे से दूर रहने का संदेश दिया गया है। सरकार जागरूकता के साथ-साथ चिट्टे के तस्करों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर रही है। तस्करी में संलिप्त लोगों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं और अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। चिट्टे से जुड़े मामलों में दो दर्जन से अधिक सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। नशे का सेवन करने वालों को चिट्टा छोड़ने में मदद देने के लिए भी सरकार कार्य कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की लड़ाई है। हिमाचल पुलिस तस्करों के खिलाफ अच्छा काम कर रही है। इस अभियान में पंचायतों को भी शामिल किया गया है। संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना मिलने पर सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि चिट्टे की तस्करी में महिलाओं और लड़कियों की संलिप्तता के मामले भी सामने आ रहे हैं, इसलिए समाज के हर वर्ग को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।