परिजनों ने सरकार और प्रशासन को दिया तीन दिन का समय
कहा- चंद पैसों के लालच में हमारा घर उजाड़ दिया, आरोपी की सेवाएं हों समाप्त
परिजनों को शक- मानव अंग तस्करी से जुड़ा भी हो सकता है मामला
आरोपी डॉक्टर को शिमला करनी होगी रिपोर्ट, निजी अस्पताल के खंगाले जाएंगे दस्तावेज
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के साथ लगती रक्कड़ काॅलोनी में स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद हुई महिला की मौत के मामले में परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को परिवार के लोग थाना सदर ऊना में बयान दर्ज करवाने आए और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने की मांग उठाई। परिवार के लोगों से सरकार व प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर तीन दिन के भीतर आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार नहीं हुईं और उसे सेवाओं से नहीं हटाया गया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन व सरकार जिम्मेदार होगी। दूसरी ओर प्रदेश स्वास्थ्य सचिव ने मामले की रिपोर्ट जानने के बाद आरोपी डॉक्टर को निलंबित करने के आधिकारिक फरमान जारी कर दिए। अब महिला डॉक्टर को शिमला हेडक्वार्टर में रिपोर्ट करना होगा।
शुक्रवार को मृतक महिला के दोनों बेटियों और बड़ी बहन के बयान थाना सदर में दर्ज किए गए। इस दौरान महिला के जेठ सरपंच गुरचरण सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी भाभी पर घर की सारी जिम्मेदारी थी। बीते सोमवार को उसकी भाभी जसविंद्र कौर (52) ऊना के सरकारी अस्पताल में केवल जांच करवाने गई। उनकी किस्मत खराब रही कि वहां भाभी की जांच डॉक्टर स्विंकी जैन ने की। उन्हें एक निजी अस्पताल में रसौली का लेजर ऑपरेशन करने की सलाह दी। उसकी बातों में आकर उनकी भाभी व अन्य परिवार के सदस्य भी राजी हो गए। गुरचरण सिंह ने कहा कि मंगलवार शाम को ऑपरेशन के समय आरोपी डॉक्टर सरकारी अस्पताल से छुट्टी लेकर निजी अस्पताल ग्रेस मेगा केयर में पहुंची। ऑपरेशन करने समय डॉक्टरों से गलती हुई और उसकी भाभी की जान चली गई। भाभी को रसौली बच्चेदानी से बाहर थी। फिर भी छाती तक उनका पेट फाड़ा हुआ मिला। गुरचरण सिंह ने शक जताया कि मामला मानव अंग तस्करी से जुड़ा भी हो सकता है।
आरोपी डॉक्टर पहले रही हैं विवादित, नहीं थी जानकारी : परिजन
सरपंच गुरचरण सिंह ने कहा कि उनकी भाभी का ऑपरेशन करने वाली सरकारी अस्पताल की डॉक्टर स्विंकी जैन पहले भी विवादों में रह चुकी है। इसकी जानकारी नहीं थी। पहले भी एक गर्भवती महिला के ऑपरेशन व उसके बाद मौत के मामले में उनके खिलाफ रोष प्रदर्शन हुए थे। परिजनों ने कहा कि अभी आरोपी डॉक्टर को सेवाएं देते दो से तीन साल हुए। उसकी नासमझी व पैसों के लालच ने उनका परिवार उजाड़ दिया। परिजनों ने कहा कि डॉक्टर को निलंबित करना काफी नहीं, वह कुछ समय बाद दोबारा सेवाओं में आ जाएंगी। उसकी सेवाएं पूरी तरह समाप्त की जाएं।
ऊना अस्पताल के बाहर पुलिस बल रहा तैनात
शुक्रवार को पुलिस विभाग को इनपुट मिले कि मृतक महिला के परिजन अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन कर सकते हैं। जिसे देखते हुए एहतियातन अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हालांकि परिजनों की ओर से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया। जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गए। मृतक महिला की पहचान जसविंद्र कौर (52) निवासी गांव मजारी डाकघर भलड़ी तहसील नंगल जिला रोपड़ पंजाब के तौर पर हुई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके वर्मा ने बताया कि चिकित्सा अधीक्षक संजय मनकोटिया ने मामले की पूरी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी। जांच में सरकारी डॉक्टर की ओर से निजी अस्पताल के लिए सेवाएं देने व ऑपरेशन में शामिल होने के तथ्य सामने आए। जिसके आधार पर आरोपी महिला डॉक्टर को स्वास्थ्य सचिव ने निलंबित कर दिया और वह शिमला हेडक्वार्टर में रिपोर्ट करेंगी। निजी अस्पताल के सभी दस्तावेजों को खंगाला जाएगा। अभी मामले की शुरुआती जांच हुई है। आने वाले दिनों में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
मथुरा। मरीज की मौत के बाद पहुंची पुलिस। - फोटो : mathura