कुछ अन्य गोवंश की हालत गंभीर, बचने की संभावना कम
नई कमेटी गोशाला व्यवस्था सुधारने में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। कैंट गोशाला में पिछले दिनों कुछ गोवंश की मृत्यु हो गई थी और आठ गायें गंभीर हालत में थीं। इनका उपचार चल रहा है। इनमें से दो और गोवंश ने रविवार को दम तोड़ दिया। गोशाला में गोवंश की मौत का मुद्दा उठने के बाद नायब तहसीलदार जोल की अध्यक्षता में नई कमेटी का गठन कर दिया गया। इसके प्रधान सत्येंद्र शर्मा को बनाया गया था लेकिन अभी भी छह गोवंश जीवन और मृत्यु के बीच लड़ाई लड़ रही है। चौकी खास के पशु चिकित्सक उन्हें दवाइयां देकर उपचार कर रहे हैं। उनका जीवन दवाओं पर ही चला हुआ है। खाना पीना बंद है।
कैंट गांव में पहाड़ी की चोटी पर बनाई गई गोशाला में बीते दिनों सर्दी और चारा न मिलने से एकसाथ कई गोवंश की मौत हो गई। इस मुद्दे को उठाने के बाद गोशाला कमेटी को भंग कर नई बनाई गई। पहले गोशाला में पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं थे और न चारे कि व्यवस्था थी। नई कमेटी गठित होने के बाद स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।ग्राम पंचायत प्रधान संजय कुमार ने बताया कि समय-समय पर अब हरा घास भी दिया जा रहा है। ठंड से पूरी तरह से गोवंश को सुरक्षित कर दिया गया। पानी की समस्या भी ठीक हो गई है। तूड़ी चारा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। चहारदीवारी आदि के काम के लाए साधन जुटाए जा रहे हैं। गोशाला में बीमार गोवंश का इलाज अपनी देखरेख में कर रहे डॉक्टर अमित का कहना है कि स्थिति में काफी सुधार आया है। एक फार्मासिस्ट को हर रोज गोशाला में जाकर गंभीर बीमार पड़ी गोवंश को दवाई और इंजेक्शन आदि जरूरत के अनुसार देने के लिए कह रखा है। जो गोवंश बिल्कुल ही कमजोर और बेहोश हैं, वे जीवित तो हैं परंतु स्थिति में सुधार होने की कम ही संभावना है। सभी के सुझावों के अनुसार ही कार्य हो रहा है।