मां शीतला को समर्पित भव्य धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म के रंग में रंगा
भक्तों ने दिखाई अलौकिक आस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। शीतलता, स्वच्छता और जीवन की शुद्धता की प्रतीक मानी जाने वाली माता शीतला को समर्पित एक भव्य धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म के वातावरण में आरंभ हुआ। यह आयोजन नंगल के रेलवे रोड से शिव शक्ति धाम तक श्रद्धा की एक अनुपम यात्रा में परिवर्तित हो गया, जहां संपूर्ण क्षेत्र स्वच्छता, सजावट और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। मां शीतला के मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत विशाल ध्वज अर्पित किया गया। इस अवसर पर पटियाला से पधारे प्रतिष्ठित गुरु पंडित वीरू ने श्रद्धापूर्वक आराधना कर ध्वजारोहण की रस्म निभाई। उन्होंने देश की ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ. अर्चना को आयोजकों की ओर से फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित भी किया।
गुरु पंडित वीरू ने कहा कि यह आयोजन भक्तों की आस्था और समर्पण की परीक्षा का प्रतीक है। मंदिर के प्रधान शंकर लाल व उपप्रधान भास्कर ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम दो दिन तक चलेगा, जिसमें अग्नि यात्रा मुख्य आकर्षण होगी। इस यात्रा में श्रद्धालु जलते अंगारों पर नंगे पांव चलकर मां के प्रति अपनी गहरी भक्ति प्रकट करेंगे। दोपहर बाद लक्ष्मी नारायण मंदिर से आरंभ हुई शोभायात्रा में अनेक अलौकिक दृश्य देखने को मिले। कुछ भक्तों ने अपने जबड़े से त्रिशूल निकाल कर मां की पूजा की, जबकि अन्य ने लोहे के सूए अपनी पीठ में गाड़कर उसे राशन से भरे थैलों से जोड़ खींचते हुए मां भवानी की कृपा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। ज्योतिषाचार्य डॉ. अर्चना ने कहा कि मां शीतला के मंदिर में उचित माह में आयोजित यह भक्ति पर्व भक्तों की अद्वितीय श्रद्धा और समर्पण का दिव्य प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक मार्ग दिखाता है, बल्कि यह प्रेरणा भी देता है कि मां भवानी अपने हर सच्चे भक्त पर सदैव कृपा बनाए रखती हैं।