ऊना। जिले में विकास के नाम पर पेड़ों की बलि चढ़ रही है। चाहे पुलों के निर्माण कार्य की बात हो या बल्क ड्रग पार्क से लेकर पंडोगा में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की बात हो। इस दिशा में कई सैकड़ों पेड़ों की बलि विकास के नाम पर दे डाली है। इस संदर्भ में डीसी ऊना को लिखित पत्र सौंप कर पर्यावरणविद् मनोज कुमार कौशल ने पेड़ों को काटने के बजाय ट्रांसप्लांट करने की मांग उठाई है।
उन्होंने तर्क दिया है कि चेन्नई और पुणे मेट्रो के निर्माण के दौरान वहां पर पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया गया। यह तकनीक सफल हुई है। इसी तर्ज पर ऊना जिले में भी चाहे सबसे लंबे पुल मंदली-लठियाणी की बात हो या हरोली विधानसभा क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क बनाने की बात हो। उन्होंने कहा है कि प्रशासन अगर इस दिशा में पहल करे तो यह सुझाव हितकारी साबित होगा।
पर्यावरण प्रेमी से मिले लिखित पत्र के आधार पर डीसी ऊना जतिन लाल ने उद्योग विभाग, वन विभाग और संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से रिपोर्ट तलब की है और कहा कि इस दिशा में काम शुरू करने के लिए विजिबिलिटी तय की जाए ताकि पेड़ों को काटने की बजाय उनका ट्रांसप्लांट किया जा सके और सही मान्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह पहल कारगर होगी।
अब देखना यह बाकी है कि पर्यावरण प्रेमी के सुझाव और डीसी ऊना जतिन लाल के निर्देशों के बाद धरातल में संबंधित विभाग के अधिकारी किस कदर इस पहल को धरातल पर सार्थक बैठा पाते हैं।