पेखुबेला, जनकौर, बराना, झोड़ोवाल सहित आसपास के गांव अंधेरा डूबे रहे
रात से गुल बिजली सुबह नौ बजे हुई बहाल, पेयजल आपूर्ति भी रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जनकौर में बिजली की तारों पर पेड़ गिरने से पेखुबेला समेत आसपास के कई गांवों में करीब आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। रात से गुल हुई बिजली सुबह तक बहाल नहीं होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और घरेलू कामकाज में जुटे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई स्थानों पर बिजली के अभाव में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही।
बिजली न होने से सुबह बच्चों को तैयार करने, नाश्ता बनाने और घरेलू कामकाज में दिक्कतें आईं। बिजली से चलने वाले उपकरण बंद रहने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, जिन घरों में पानी की आपूर्ति बिजली से चलने वाले पंपों पर निर्भर है, वहां सुबह पानी नहीं पहुंच पाया।
विद्युत बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार रात के समय बिजली की तारों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई। इसके चलते पेखुबेला, जनकौर, झोड़ोवाल, बराना सहित आसपास के गांवों में बिजली गुल रही। सुबह करीब चार बजे विद्युत बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने तथा क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
कई घंटे की मशक्कत के बाद सुबह करीब नौ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। करीब आठ घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों में विद्युत बोर्ड की व्यवस्था को लेकर रोष भी रहा।
कोट
रात भर बिजली नहीं थी, मच्छरों की बीत रात बितानी पड़ी। वैसे तो बिजली बोर्ड रख रखाव के नाम पर बिजली के घोषित कट लगता है। उसके बाद भी तारों पर सूखे पेड़ों का गिरना बोर्ड कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। - कृष्ण ठाकुर, जनकौर निवासी
सोमवार रात को करीब 11 बजे बिजली कट लगा और सुबह के तक बिजली नहीं आई। क्षेत्र में बिजली न होने से घर में पानी भी नही आया। सुबह सुबह के समय दुकान पर काम काज शुरू करना होता है, लेकिन नौ बजे बिजली न हाेने से सब गड़बड़ हो गया।- विक्रम, झोडोवाला निवासी
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कोट:
सोमवार रात 11 बजे जनकौर गांव के पास संतोषगढ़ फीडर की बिजली की तारों पर सूखा पेड़ गिर गया। इसके कारण तीन इंसुलेटर भी जल गए। टीम को सुबह से काम पर लगा दिया गया। मंगलवार सुबह नौ बजे तक प्रभावित गांवों में बिजली की सप्लाई सुचारू रूप से शुरू कर दी है। -कमल चौधरी, एसडीओ विद्युत बोर्ड संतोषगढ़