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Una News: सुग्रीवानंद महाराज की अस्थि यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु

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ऊना से हेमा नंद महाराज ब्रह्मलीन स्वामी सुग्रीवानंद महाराज का अ​स्तिकलश लेकर जाते हुए स्वामी हे
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डेरा से नंगल तक बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने की पुष्प वर्षा
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उत्तराधिकारी हेमानंद अस्थि कलश लेकर हरिद्वार को रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना/नारी/नंगल(ऊना)। आश्रम डेराबाबा रुद्रानंद महाराज के अधिष्ठाता सुग्रीवानंद की पवित्र अस्थियां बुधवार को उनके उत्तराधिकारी हेमानंद और आश्रम के सेवादार की ओर से चुनी गईं। अस्थियों को अच्छी तरह से कई बार धोया गया। उसके बाद एक पवित्र कलश में डालकर 11:00 से 1:00 तक आश्रम में रखा गया। 11:00 बजे तक अस्थियों को प्रणाम करने के लिए श्रद्धालु इकट्ठे हुए और हजारों की संख्या में भक्तों ने पवित्र अस्थियों को प्रणाम किया तथा अपने गुरु को अंतिम विदाई दी। सुग्रीवानंद महाराज की अस्थि यात्रा का नंगल पहुंचने पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं की ओर से पुष्प वर्षा की गई। यह अस्थि यात्रा आचार्य हेमानंद के नेतृत्व में डेरा बाबा रुद्रानंद से शुरू होकर ऊना, मैहतपुर होते हुए नंगल पंहुची। यहां सबसे पहले नंगल का प्रवेश द्वार माने जाने वाले शिवालिक एवेन्यू चौक पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की और उसके बाद फ्लाई ओवर चौक, जवाहर मार्केट और एमपी कोठी में भी अस्थि यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। यह अस्थि यात्रा हरिद्वार में अस्थि जल प्रवाह करने के उपरांत संपन्न होगी। हजारों श्रद्धालुओं ने अस्थियां चुनने के समय अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और माथा टेका। अपने गुरु की अस्थियों को विदाई देते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं। तड़के 5:00 बजे कीर्तन ..श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण हे वासुदेवा जो स्वामी का प्रिय भजन था, श्रद्धालुओं की ओर से जारी रखा गया। भजन सुनने के लिए धूने के सामने भी सैकड़ों लोग आंखें बंद करके भजन गाते रहे। नारी क्षेत्र में तीन दिन से सन्नाटा छाया हुआ है।
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महान संत को खो दिया : सुशील
दौलतपुर चौक (ऊना)। डेरा रुद्रानंद आश्रम नारी के अधिष्ठाता सुग्रीवानंद के देहावसान पर जिला पार्षद सुशील कालिया ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। सुशील कालिया ने कहा कि सुग्रीवानंद महाराज लंबे समय से आध्यात्मिक जागरण और समाज कल्याण के कार्यों में संलग्न थे। उनके देहावसान से न केवल आश्रम के अनुयायियों, बल्कि पूरे आध्यात्मिक जगत ने एक महान संत और मार्गदर्शक को खो दिया है। संवाद
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