चिंतपूर्णी में उमड़ी श्रद्धालुअों की भीड़।
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लगातार हो रही बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी। आसमान से बरस रहीं बूंदें और जयकारों के साथ कतारों में खड़े श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। हालांकि, श्रद्धालुओं को मां के दर तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रविवार के दिन करीब पचास हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर में हाजिरी भरी।
रविवार को पांचवें नवरात्र मेले के दौरान सारा दिन मां चिंतपूर्णी का दरबार जयकारों से गूंजता रहा। एक अनुमान के मुताबिक रविवार तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु मां के दर शीश नवा चुके हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को चिंतपूर्णी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि सड़क पर पैदल तक चलना मुश्किल हो गया था। वहीं, जिला प्रशासन एवं मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर किए गए प्रबंधों एवं व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई।
भीड़ के आगे इंतजाम धराशायी, कई दर्शन किए बिना लौटे
रविवार को श्रद्धालुओं के सैलाब के आगे प्रशासन की ओर से किए गए सभी इंतजाम धराशायी हो गए। जहां मां के दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइनें बड़ी धीमी गति से आगे बढ़ीं, वहीं मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पांच घंटे से भी ज्यादा समय का लंबा इंतजार करना पड़ा। कई श्रद्धालु एक दूसरे के आगे लाइनों में लगते भी नजर आए। लेकिन, भीड़ एवं लाइनों को नियंत्रण में करने में दूर-दूर तक कोई सुरक्षा कर्मी नजर नहीं आया। इससे कई बार श्रद्धालुओं ने डबल लाइनों को तोड़कर खुद ही तीन-तीन लाइनें लगा लीं। कई श्रद्धालु तो बिना दर्शन कर घरों को वापस लौट गए।
मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान और अतिरिक्त मेला अधिकारी एसडीएम सुनील वर्मा ने खुद मौके पर सेक्टर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मशक्कत की। रविवार को पांचवें मेले में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी भरी। लेकिन, भीड़ के आगे व्यवस्था बनाने को प्रशासन के पूरी तरह से हाथ पांव फूल गए। उधर, मेला अधिकारी एडीएम राजेश मारिया ने बताया कि पांचवें मेले में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी है। प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।