ऊना। जिले में रविवार सुबह पिकअप गाड़ियों में पकड़ी अवैध लकड़ी के मामले में वन विभाग अंब ने कड़ा संज्ञान लिया है। जिन-जिन इलाकों से लकड़ी उठाई गई थी, वहां के संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
ऐसे में लकड़ी पिकअप में लादने वालों को अब बताना होगा कि लकड़ी कहां-कहां और किन भूमि मालिकों की काटी गई है। इसे लेकर वन विभाग ने अंब, हमीरपुर और कांगड़ा जिले के संबंधित ब्लॉक अधिकारियों से पत्राचार किया है। पटवारी और राजस्व विभाग की मौजूदगी में कटान को देखा जाएगा कि लकड़ी निजी भूमि से काटी गई है या सरकारी भूमि से काटी गई है। ऐसे में वन विभाग की अनुमति के बिना प्रतिबंधित लकड़ी का कटान करवाने वालों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। लिहाजा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दें कि वन विभाग अंब रेंज की टीम ने रविवार सुबह ऊना जिला के अंबोटा (आशा देवी के निकट) में तीन पिकअप ट्राला, बणे दी हट्टी में दो और नैहरियां, दोसड़का में एक पिकअप ट्राला को अवैध लकड़ी ले जाते पकड़ा था। इनमें चार गाड़ियां ऊना जिले की थी जबकि दो कांगड़ा और हमीरपुर की थीं। तलाशी लेने पर गाड़ियों में प्रतिबंधित प्रजाति की चौड़ी पत्ती वाली मिश्रित लकड़ी भरी पाई गई थी। इनमें जापानी शहतूत, आम, सफेदा, कामल, सिंमल, सरीहं आदि की लकड़ी भी लदी थी।
कुछ गाड़ियां बिना नंबर की थीं। अंब रेंज ऑफिसर राहुल ठाकुर ने बताया कि लकड़ी पकड़ने के मामले में रेंज के साथ संबंधित जिलों के संबंधित अधिकारियों को पत्राचार कर रिपोर्ट तलब की गई है। उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग जिले में लकड़ी के अवैध कटान को लेकर गंभीर है। उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।