मैहतपुर (ऊना)। इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया नहीं होगा, अर्थात इस बार बहनें बिना किसी भय के अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। 28 अगस्त को सुबह 5:57 से 10:30 बजे के बीच का समय राखी बांधने के सबसे उत्तम रहेगा।
10:46 से राहु काल शुरू होगा, इस दौरान रक्षा सूत्र बांधने से बचें। पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह 9: 08 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 10:30 बजे तक रहेगी।
रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त शुक्रवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर्व के दिन भद्रा सूर्योदय से पूर्व ही खत्म हो जाएगी। इस दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा लेकिन इसका कोई असर भारत में नहीं होगा और न ही किसी प्रकार का सूतक ही होगा।
वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष एवं अंकगणिताचार्य पंडित शशिपाल डोगरा के अनुसार इस बार राखी पर्व पर बहनें बिना किसी भ्रांति के अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर इस पर्व को मना सकेंगी। पंडित शशिपाल डोगरा के अनुसार पिछले कुछ वर्षों से रक्षाबंधन पर भद्रा का साया मंडराता रहा है। शुक्रवार को भयमुक्त होकर रक्षाबंधन पर्व को मनाया जाएगा।