सरकारी स्कूलों में भी बैठने से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की होगी जांच
नशा मुक्त क्षेत्र को सुनिश्चित रखने के लिए जांची जाएगी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अनियमितताओं पर नकेल कसने के लिए औचक निरीक्षण अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। इस अभियान के तहत निजी और सरकारी दोनों प्रकार के स्कूल विभाग की सीधी निगरानी में रहेंगे। विशेष रूप से निजी स्कूलों के मान्यता दस्तावेज़, स्टाफ रिकॉर्ड, फीस ढांचा और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जाएगी। शिकायतों के अनुसार कई स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है और कक्षाओं की क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को ठूंसकर बैठाया जा रहा है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्कूली वाहनों की स्थिति और भी चिंताजनक है। निरीक्षण में कई वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए बच्चों को क्षमता से अधिक बैठाया गया पाया गया। कई वाहनों में न तो फर्स्ट एड, न अग्निशमन उपकरण और न ही प्रशिक्षित परिचालक की व्यवस्था है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्कूल में गंभीर खामियां पाई जाती हैं तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को चेतावनी, जुर्माना और गंभीर मामलों में मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम है। आने वाले दिनों में निरीक्षण और तेज किया जाएगा, ताकि स्कूलों में व्यवस्था सुधार को धरातल पर उतारा जा सके।