हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड फील्ड हास्टल ऊना में संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक चेयरमैन ई. अमरजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर अमरजीत सिंह ने कहा कि सासण गांव में मंदिर क्षेत्र का दौरा करने के बाद संघर्ष समिति ने पाया कि वहां पर जो झंडा चढ़ाया जा रहा था, वह झंडा करीब 40 फुट की लंबाई का लोहे की पाइप का बना था, जिसको वहां से हटा दिया गया है।
उसकी जगह जो झंडा अब वहां चढ़ाया गया है, उसकी लंबाई लगभग 20 फुट है, फिर उसको उठाने के लिए 30 लोगों की आवश्यकता क्यों पड़ी? वह झंडा तारों तक कैसे पहुंच गया? इसकी जांच अविलंब की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए कार्यक्रम आयोजक समिति जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जो केस विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों पर दर्ज किया गया है, उसे शीघ्र वापस लिया जाए अन्यथा संघर्ष समिति पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह भी पाया जाता है कि यदि कहीं भी कोई घटना घटित होती है तो वहां पर बेवजह बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों पर केस दर्ज किए जाते हैं। उनको जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया जाता है। जबकि, उनकी कोई गलती ही नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी घटना के लिए बोर्ड के किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराने से पहले मामलेे की पूरी जांच हो। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति आम जनमानस की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अभी आंदोलन करने के हक में नहीं है, लेकिन यदि समय रहते इस मामले को लेकर कोई कार्रवाई न की गई तो समिति पूरे प्रदेश भर में आंदोलन करेगी। वहीं, कुछेक राजनेता इस मामले को बेवजह तूल देने में लगे हैं। इस अवसर पर समिति के सदस्य ई. आरडी अग्निहोत्री, ई. अजय पराशर, शांति स्वरूप, शिव कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।