मैहतपुर (ऊना)। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते राज्य सरकार की ओर से कोरोना कर्फ्यू की अवधि बढ़ाए जाने के बाद प्रवासी मजदूरों ने एक बार फिर अपने घरों का रुख कर लिया है। रविवार को कई मजदूरों को एक साथ पंजाब की ओर पैदल ही जाते देखा गया। इन मजदूरों का कहना है कि यहां पर वह काम करते थे, वहां काम धंधा ठप हो गया है, लिहाजा उन्हें अब घर को जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
हालांकि यह साफ नहीं हो पा रहा है कि अपने प्रदेश को लौट रहे ये मजदूर कहां पर काम करते थे। उन सभी मजदूरों ने काम धंधा चौपट होने के चलते वापस जाने की बात कबूली है। पिछले वर्ष भी करोना महामारी के चलते भारी तादाद में प्रवासी मजदूर अपने प्रदेश को लौट गए थे। सूत्रों के मुताबिक इन प्रवासी मजदूरों ने जिला प्रशासन से किसी भी प्रकार का तालमेल नहीं किया, जिसके चलते इन मजदूरों के वापस जाने कि जिला प्रशासन के पास भी कोई जानकारी नहीं है। उधर, नायब तहसीलदार सुरेंद्र ठाकुर का कहना है कि अगर लौट रहे प्रवासी मजदूर जिला प्रशासन से संपर्क करते तो उनके जाने का बंदोबस्त भी किया जा सकता था। ऐसे में अगर वह खुद ही पंजाब की ओर पैदल निकल गए तो प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं है।