केंद्र के पास अटकी प्राेजेक्ट की 339.25 करोड़ रुपये की राशि
इस बरसात में भी लोगों को करना पड़ेगा समस्या का सामना
खड्डों के उफान से लोगों की जमीन तबाह होने का रहता है डर
सुरेश बसन
ऊना। जिला में स्वां बेसिन खड्डों के फेज-पांच तटीकरण शुरू करने की प्रक्रिया लटक गई है। केंद्र सरकार की ओर से बड़े प्रोजेक्ट के लिए मंजूर 339.25 करोड़ अनुमानित बजट राशि स्वां रीवर फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, सर्कल ऊना तक नहीं पहुंच पाई है। अब आचार संहिता के बीच राशि के मिलने की वैसे ही आशा नहीं रखी जा सकती। इसके परिणामस्वरूप बरसात में उफान पर रहने वाली खड्डों से खेती योग्य एवं रिहायशी भूमि का नुकसान इस बार भी होने की संभावना बनी हुई है। संबंधित गांवों के लोग भी बरसात से चिंतित दिख रहे हैं।
महत्वकांशी योजना में जिला की 10 खड्डों का करीब 60 किलोमीटर तटीकरण किया जाना प्रस्तावित है। प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से जिला की मुख्य स्वां नदी से जुड़ने वाली ब्यास बेसिन एवं स्वां नदी की सहायक खड्डों की बाढ़ से सुरक्षा मिलनी है। खड्डों में होने वाले उफान से 25 हजार के करीब आबादी प्रभावित होगी। तटीकरण कार्य से जिला के 21 गांवों में खड्डों एवं स्वां नदी के उफान से कुल 1207 हेक्टेयर भूमि बचेगी, तो 643 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पूर्ण रूप से उपजाऊ बनेगी। बरसात में इन खड्डों में आया उफान फसलें बर्बाद नहीं करेगा। किसान हर फसल की पैदावार कर सकेंगे। आबादी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी।
10 खड्डों का होगा तटीकरण
जिला की मुख्य स्वां नदी से जुड़ने वाली ब्यास बेसिन एवं स्वां की शाखा खड्डों की बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करने के लिए 10 खड्डों का तटीकरण होगा। तटीकरण कार्य जिला ऊना की सतलुज से जाने वाली स्वां नदी और इससे जुड़ी 10 खड्डों का ब्यास की ओर तलवाड़ा सीमा तक तक किया जाएगा। वहीं, तटीकरण कार्य में डंगोह, बबैहड़, रायपुर, मंदवाड़ा, भटोली, जोह, पिरथीपुर, भांगी, कोठी और झाखड़ खड्ड को शामिल किया गया है। इन खड्डों सहित स्वां नदी के हिस्से का लगभग 60 किलोमीटर तटीकरण होना प्रस्तावित है।
-
प्रोजेक्ट के लिए केंद्र की ओर से राशि को मंजूरी दे दी गई है। अब चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता है तो राशि अभी आने के आसार भी नहीं है। आशा है जल्द यह राशि विभाग के पास होगी और धरातल पर कार्य को शुरू किया जाएगा।
-ई. हीना सभ्रबाल, अधीक्षण अभियंता, स्वां रीवर फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, सर्कल ऊना