50 प्रतिशत फसल की हुई थ्रेशिंग, मैदानी इलाकों में फसल की कटाई जारी
केंद्रों में 350 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गेहूं की खरीद के लिए बनाए गए दो केंद्रों में बिक्री करने आने वाले किसानों की संख्या में तेजी आई है। 20 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने पर गेहूं की कटाई और बिक्री ने रफ्तार पकड़ी है। केंद्रों में करीब 350 क्विंटल फसल आ चुकी है, जबकि 20 अप्रैल से पहले मात्र 60 क्विंटल फसल ही खरीद केंद्रों तक पहुंच पाई थी। 50 फीसदी फसल की थ्रेसिंग हो गई है।
जिला में गेहूं खरीद के लिए टकारला और रामपुर में दो खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में ऑनलाइन बुकिंग के बाद किसान अपने स्लॉट के हिसाब से तय तिथि पर फसल की बिक्री कर सकते हैं। बीती 20 अप्रैल तक किसानों ने केवल 60 क्विंटल फसल ही बेची थी। 26 अप्रैल तक 6 दिन के भीतर करीब 290 क्विंटल फसल और बेची गई है। मंडियों में किसानों की सुविधा के अनुसार व्यवस्थाएं की गई हैं। हालांकि कई किसान खरीद केंद्रों के बजाय निजी व्यापारियों को फसल बेचना बेहतर मान रहे हैं। किसानों राकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, दिलीप चंद, मैहर चंद, सुखराम ने बताया निजी व्यापारी भी सरकारी केंद्रों जितना दाम दे रहे हैं। सरकारी केंद्रों में औपचारिकताएं अधिक हैं। जबकि व्यापारी बिना किसी औपचारिकता के फसल उठा रहे हैं। किसानों ने कहा सरकारी केंद्रों में फसल को बेचना अधिक झंझट वाला काम है। इसलिए वहां जाना उन्हें लाभदायक नहीं लगता। जबकि, व्यापारी बिना किसी परेशानी के घर द्वार पर फसलें उठा रहे हैं। एपीएमसी जिला ऊना के सचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि खरीद केंद्रों में अभी तक आई फसल उम्मीद के मुताबिक नहीं है। जबकि कई किसान व्यापारियों को फसल दे रहे हैं। हमारा मकसद किसानों को फसल का अच्छा दाम दिलवाना है। वह किसानों को मिल रहा है। अगर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी आ रही है, तो वे एपीएमसी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।