लगातार धूप से गेहूं और आलू की फसल की सिंचाई जरूरी
गैर सिंचित इलाकों में सूखने लग गई फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बढ़ती गर्मी के चलते गेहूं और आलू की फसलों को बचाने के लिए सिंचाई बेहद जरूरी हो गई है। किसान सुबह और शाम खेतों में जाकर फसलों को पानी दे रहे हैं ताकि उत्पादन पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल अब दाने बनने के चरण में है। आलू की फसल भी वृद्धि के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। ऐसे में यदि समय पर सिंचाई नहीं की गई तो पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सिंचित क्षेत्रों में ट्यूबवेल और नहरों के माध्यम से पानी उपलब्ध होने के कारण फसलों की स्थिति अभी संतोषजनक है। हालांकि, जिले के गैर-सिंचित इलाकों में स्थिति गंभीर हो रही है, जहां पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं है और फसलों में सूखने की समस्या बढ़ रही है। किसानों ने बताया कि बारिश न होने और तेज धूप के कारण मिट्टी में नमी की कमी हो रही है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
किसानों रमेश कुमार, जतिंद्र पाल, अमरीक सिंह, अशोक सैनी, अजय कुमार, कुलदीप सैनी ने प्रशासन से अपील की है कि सिंचाई योजनाओं का दायरा बढ़ाया जाए ताकि गैर-सिंचित क्षेत्रों के किसानों को राहत मिल सके। उनका मानना है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई, तो फसल उत्पादन में गिरावट निश्चित है। जिले में गेहूं की फसल करीब 30,000 हेक्टेयर और आलू की फसल 1,000 हेक्टेयर भूमि पर तैयार हो रही है।
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जिले में पारा 27 डिग्री पार
जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। सुबह की ओस भी अब कम हो गई है, जिससे फसलों को मिल रहे नमी के लाभ में कमी आई है। यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है तो फसल प्रभावित हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस समय फसल की अच्छी वृद्धि और बेहतर पैदावार के लिए नियमित अंतराल पर सिंचाई बेहद आवश्यक है।