ऊना। दिन में गोबिंद सागर की लहरों पर अठखेलियां और रात में इन्हीं लहरों के बीच ठहराव... सितारों से भरे आसमान के नीचे झील पर तैरते क्रूज में रात गुजारने का सपना फिलहाल फिर अटक गया है।
कुटलैहड़ के अंदरोली में पहली बार क्रूज के साथ रात ठहरने की सुविधा शुरू करने की तैयारी थी लेकिन शनिवार को खोले गए टेंडर में शामिल तीनों कंपनियां निर्धारित शर्तों पर खरी नहीं उतर सकीं। ऐसे में किसी भी कंपनी को काम नहीं मिल पाया।
अब इस पर्यटन परियोजना के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी होगी। कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट सोसायटी ने गोबिंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स और हॉस्पिटैलिटी गतिविधियों के संचालन के लिए निविदाएं आमंत्रित की थीं।
इसके तहत तीन कंपनियों ने टेंडर जमा किए थे। शनिवार को टेंडर की तकनीकी बिड खोली गई। जांच के दौरान सामने आया कि तीनों कंपनियां निविदा में निर्धारित आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं कर पाईं।
इसके चलते तकनीकी स्तर पर कोई भी कंपनी आगे की प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं हो सकी। परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण झील में चलने वाला क्रूज है।
इसमें पर्यटकों के लिए रात ठहरने की सुविधा विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटक दिन में झील की सैर और वाटर स्पोर्ट्स का आनंद लेने के बाद रात भी पानी के बीच गुजार सकेंगे। यह गोबिंद सागर में नाइट टूरिज्म की दिशा में पहली बड़ी पहल होगी।