ऊना। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के गांव टक्का स्थित जोड़े खु में लोगों के बैठने और बारिश से बचाव के लिए बनाई गई वर्षाशालिका इन दिनों बदहाल स्थिति में है। वर्षाशालिका की दीवारों में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं जबकि इसकी छत पर घास उग आई है। लंबे समय से उचित रखरखाव नहीं होने के कारण वर्षाशालिका की हालत लगातार खराब होती जा रही है। वर्षाशालिका का निर्माण राहगीरों और ग्रामीणों को बारिश व धूप से राहत देने के उद्देश्य से किया गया था लेकिन वर्तमान में इसकी जर्जर हालत चिंता का विषय बनी हुई है। दीवारों में आई दरारों के चलते कभी भी कोई अप्रिय घटना होने का खतरा बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग वर्षाशालिका को बनाने के बाद सुध तक लेना भूल गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत से वर्षाशालिका का निरीक्षण करवाकर जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है। इस मार्ग से स्कूल के बच्चों समेत स्थानीय लोगों को रोजाना आना जाना बना रहता है।
वर्षाशालिका काफी समय से खराब हालत में है। दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं और छत पर घास उगने से भवन की स्थिति और भी खराब हो रही है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई, तो बरसात के मौसम में समस्या बढ़ सकती है।
-रजनी देवी, बीडीसी सदस्य
वर्षाशालिका का उपयोग ग्रामीण और राहगीर बारिश व धूप से बचने के लिए करते हैं लेकिन इसकी जर्जर हालत के कारण यहां बैठना भी सुरक्षित नहीं लग रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मौके का निरीक्षण कर वर्षाशालिका की मरम्मत करवाने के साथ-साथ इसकी नियमित देखरेख की व्यवस्था की जाए।
- रेखा रानी, प्रधान ग्राम पंचायत टक्का