ढोल नगाड़े, चिमटा बजाने से लेकर प्लास्टिक और थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को दस सेक्टरों में बांटा
माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेला 25 जुलाई से 3 अगस्त तक चलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। श्रावण अष्टमी मेले में उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर 24 घंटे खुला रखा जाएगा। 25 जुलाई से 3 अगस्त तक श्रावण अष्टमी मेला चलेगा। एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने शुक्रवार को माईदास सदन चिंतपूर्णी में तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने मेले के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान एडीसी ऊना मेला अधिकारी, एसडीएम अंब सहायक मेला अधिकारी जबकि एएसपी ऊना संजीव भाटिया को पुलिस मेला अधिकारी तथा डीएसपी अंब को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। सचिन शर्मा ने कहा कि मेले के दौरान माता चिंतपूर्णी का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए चौबीस घंटे खुला रहेगा। साफ-सफाई के लिए रात्रि के दौरान मंदिर को केवल एक घंटे के लिए बंद किया जाएगा।
दोपहर को मां के शृंगार और भोग इत्यादि के लिए भी मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहेगा। लंगर लगाने की अनुमति लेनी होगी। एसडीएम ने कहा कि मेले के दौरान ढोल नगाड़े, चिमटा, लाउडस्पीकर इत्यादि बजाने और प्लास्टिक और थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मालवाहक वाहनों के माध्यम से माता चिंतपूर्णी मंदिर आने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को दस सेक्टरों में बांटा जाएगा। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में पुलिस और होमगार्ड के जवानों सहित त्वरित कार्य बल की टीमें तैनात रहेंगी। सभी सेक्टरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। भिक्षावृत्ति पर भी पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा तथा इसे लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीमों की ओर से नियमित निरीक्षण किया जाएगा। एसडीएम ने निजी सराय प्रबंधकों को सराय में अग्निशमन उपकरण लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एएसपी ऊना संजीव भाटिया, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत छपरोह शशि कालिया, प्रधान नारी पंचायत अल्का, गंगोट की प्रधान एश्वर्या, डूहल भंगवाल की प्रधान प्रतिभा और अप्पर लोहारा की प्रधान संगीता बाला सहित अन्य मौजूद रहे।