संवाद न्यूज एजेंसी
हरोली (ऊना)। श्रीमद्भागवत गीता और रामायण का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। रामायण जहां हमें जीना सिखाती है तो श्रीमद्भागवत गीता हमें मरना सिखाती है। ये प्रवचन राधा कृष्ण मंदिर ठाकुरद्वारा पूबोवाल में श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को कथा व्यास राम प्रवेश दास ने दिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को इन ग्रंथों में दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारना चाहिए। इससे हमें सही दिशा मिलेगी। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई गई।
जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया तो श्रद्धालुओं ने नाच गाकर भगवान के जन्म की खुशी मनाई। आयोजनकर्ता मंदिर के महंत राम नारायण दास ने बताया कि रविवार को थर्मल प्लांट रोपड़ के चीफ इंजीनियर हरीश शर्मा, प्रिंसिपल अनुपम शर्मा, मोहाली से उर्मिल डोगरा, सतीश कुमार, तृप्ता देवी, मदन मोहन, किरण बाला, उषा शर्मा, इंजीनियर नीलम शर्मा, मोनिका शर्मा, राजीव कुमार व सुनीता ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। जबकि, सुदर्शन कुमार और दुलारी देवी मुख्य यजमान के रूप में मौजूद रहे। कथा के दौरान किसी एक दिन संत बाबा बाल संगत को प्रवचनों से निहाल करेंगे। कथा का अंतिम दिन पांच जून को होगा और इस दिन हवन यज्ञ के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।