ऊना। जिले में रविवार से बारिश का दौर जारी है। एक ओर जहां मौसम के बदले रुख से दिन में भी सर्दी का अहसास होने लगा है तो वहीं फसलों के लिहाज से ज्यादा बारिश अच्छी नहीं मानी जा रही। जिला में इस समय आलू और हरी सब्जियों की खेती चल रही है। विशेषकर आलू की फसल के लिए ज्यादा बारिश को नुकसानदायक माना जा रहा।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 1500 हेक्टेयर जमीन पर आलू व लगभग 300 हेक्टेयर जमीन पर हरी सब्जियों की खेती की जा रही है।
फसलों के लिहाज से रविवार सुबह हुई बारिश को पर्याप्त माना जा रहा है लेकिन सोमवार को भी बारिश हुई और मंगलवार को भी जिला का मौसम खराब रहने की चेतावनी है।
अगर मंगलवार को मौसम खराब रहता है तो अत्यधिक नमी से आलू के बीज में सड़न व बीमारी का खतरा बढ़ जाएगा। कई किसानों ने मौसम बिगड़ने से एक दिन पहले ही सिंचाई की थी, उन खेतों में सोमवार को पानी जमा हो गया।
खेतों में जलभराव होने से फसलें प्रभावित हो सकती हैं। किसानों में रविंद्र कुमार, अशोक सैनी, विशाल कुमार, विनोद सैनी, अश्वनी सैनी सहित अन्य ने बताया कि आलू व हरी सब्जियों की फसलें अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में हल्की सिंचाई इनके लिए पर्याप्त मानी जा रही है। रविवार की बारिश फसलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी लेकिन सोमवार और मंगलवार को बारिश जारी रहने से नुकसान होना संभावित है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि रविवार और सोमवार की बारिश से फसलों को अधिक खतरा नहीं लेकिन आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने से स्थिति चिंताजनक हो सकती है। खेतों में जलभराव होने से फसलें प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति से बचाव को लेकर किसान खेतों में जुट गए हैं।