ऊना। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में चिकित्सक निजी लैबों की चांदी करवाने में जुटे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में मेडिकल टेस्ट और जांच के लिए आने वाले गरीब मरीजों को सरकारी चिकित्सक ही निजी लैबों में भेज रहे हैं। अस्पताल में कम दामों पर सभी टेस्ट की सुविधा है लेकिन नियमों को ताक पर रख कुछ चिकित्सक निजी लैबों का धंधा चमकाने में लगे हैं।
वीरवार को भी क्षेत्रीय अस्पताल में मेडिसन ओपीडी में बैठे एक चिकित्सक ने जांच के लिए कुछ साधारण टेस्ट की जांच के लिए भी अस्पताल में सुविधा होने के बावजूद पर्ची पर निजी लैब का नाम लिखकर टेस्ट करवाने के लिए भेज दिया गया। इससे साफ है कि चिकित्सक अपने हितों के लिए मरीजों को निजी लैबों में भेज रहे हैं।
बता दें कि अस्पताल में पहले ही अल्ट्रसाउंड करवाने के लिए मरीजों को रेडियोलॉजिस्ट न होने के चलते निजी लैब में मजबूरन अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। अब जिन साधारण टेस्ट की सुविधा अस्पताल की एसआरएल लैब में कम दामों में है, मरीजों की पर्ची पर निजी लैब का नाम लिखकर मरीजों को लैब में ही टेस्ट करवाने के लिए लिखा जा रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं। अस्पताल के एमएस डॉ. निर्दोष भारद्वाज ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है, इसकी जांच की जाएगी।
विधानसभा सत्र में उठाऊंगा मामला
ऊना सदर से विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कि अगर अस्पताल में मरीजों को इस प्रकार परेशान किया जा रहा है तो इस मामले की जांच कर इसे विधानसभा में उठाया जाएगा।