ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को महंगी दवाइयां लिखने और खास दुकानों से खरीदने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। सोमवार को ताजा मामले में एक मरीज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह डॉक्टर द्वारा पर्ची पर लिखी गई दवाइयों को निजी मेडिकल स्टोर से नहीं लाया तो विशेषज्ञ नाराज हो गया और उसकी पर्ची पर लिखी दवाइयों को पेन से काट दिया।
पीड़ित के अनुसार विशेषज्ञ ने उसे केवल एक इंजेक्शन लिखकर कहा कि इसे लगवाकर घर चले जाओ। मरीज का आरोप है कि वही दवाइयां बाजार में सस्ती दरों पर उपलब्ध थीं लेकिन उसे जानबूझकर महंगी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ित मरीज मक्खन लाल (58) रीढ़ की हड्डी की समस्या को लेकर सोमवार सुबह बड़ी आस के साथ उपचार के लिए पहुंचा था। इस दौरान पहले तो मरीज ने विशेषज्ञ के कहने पर अस्पताल में ही एक्सरे करवाया। एक्सरे करवाने के बाद वह रिपोर्ट लेकर विशेषज्ञ के पास पहुंचा। जहां पर विशेषज्ञ ने पर्ची पर दवाइयां लिख दीं और मरीज को दवाइयां लेकर एक बार दिखाने को कहा। मरीज अस्पताल की पार्किंग में मौजूद दवा स्टोर पर पहुंचा लेकिन भीड़ अधिक होने व दर्द के चलते वह अस्पताल के बाहर निजी केमिस्ट से किसी अन्य ब्रांड की दवाइयां लेकर विशेषज्ञ के पास पहुंचा। आरोप है कि दवाइयां देखते ही विशेषज्ञ अचानक भड़क गया। उसने भड़कते हुए पर्ची पर लिखी दवाइयां पेन से काट दीं और पर्ची के दूसरी तरफ एक इंजेक्शन लिखते हुए बोला कि तुम यह इंजेक्शन लगाओ और घर जाओ, मैं तुम्हारा उपचार नहीं कर सकता। बता दें कि अस्पताल में इस तरह की घटनाएं पहली बार सामने नहीं आई है। कुछ चिकित्सक खास मेडिकल स्टोर से ही दवाइयां लेने का दबाव बनाते हैं। आदेशों के अनुसार सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों को जेनेरिक दवाइयां लिखने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन कई चिकित्सक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाइयां लिख रहे हैं।
यदि इस तरह की कोई शिकायत लिखित में मिलती है तो मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना