संतोषगढ़ (ऊना)। नगर में स्वां नदी के तट पर स्थित ख्वाजा मंदिर में वीरवार को ख्वाजा खिजर जिंदापीर बेड़ा कमेटी संतोषगढ़ की ओर से धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ख्वाजा देवता का बेड़ा छोड़ने की रस्म धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई गई। इस दौरान मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह झंडे की रस्म के साथ हुई। इसके बाद दरबार के सेवादार किशन ने गद्दी की रस्म पूरी करवाई। इस दौरान ख्वाजा देवता के वस्त्र, जूते और ताज को विधिवत नए सिरे से बदला गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दोपहर बाद गायन दरबार का आयोजन किया गया। दोपहर दो से शाम पांच बजे तक चले गायन दरबार में कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। दोपहर 12 से शाम चार बजे तक मंदिर कमेटी की ओर से भंडारे का भी आयोजन किया गया।
दोपहर करीब तीन बजे पंच पीरी मंदिर में रखे गए बेड़े को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पंडाल में लाया गया। इसके बाद शाम को श्रद्धालुओं की मौजूदगी में बेड़े को स्वां नदी के किनारे स्थित ख्वाजा देवता के मंदिर तक ले जाया गया। यहां पूजा-अर्चना और धार्मिक रस्में पूरी करने के बाद बेड़े को स्वां नदी में प्रवाहित किया गया।